
रायगढ़ जिले से आज जो तस्वीरें सामने आई हैं, उन्होंने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। तमनार क्षेत्र में जिंदल कोयला खदान के विरोध में चल रहा आंदोलन अचानक हिंसक हो गया।शांतिपूर्ण दिख रहा प्रदर्शन देखते ही देखते आगजनी, पत्थरबाजी और बेकाबू भीड़ में तब्दील हो गया, जिससे पूरा इलाका छावनी में बदल गया है।जानकारी के मुताबिक जिंदल कोयला खदान के विरोध में ग्रामीण लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे। शनिवार सुबह जब पुलिस प्रदर्शनकारियों को समझाने और रास्ता साफ कराने पहुंची, तभी माहौल बिगड़ गया। पुलिस को देखते ही ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और चारों ओर से जमकर पत्थरबाजी शुरू हो गई।इस हिंसक झड़प में ड्यूटी पर तैनात महिला टीआई कमला पुसाम गंभीर रूप से घायल हो गईं।पत्थर लगने से वह लहूलुहान हो गईं, जिन्हें मौके पर प्राथमिक सहायता देने के बाद तत्काल अस्पताल ले जाया गया। घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें हालात की भयावहता साफ नजर आ रही है।उग्र भीड़ का गुस्सा यहीं नहीं थमा। प्रदर्शनकारियों ने मौके पर खड़ी एक बस और एक कार को आग के हवाले कर दिया। आसमान में उठता काला धुआं और अफरा-तफरी का माहौल पूरे क्षेत्र में दहशत फैला रहा था। बताया जा रहा है कि भीड़ ने एसडीएम की गाड़ी को भी निशाना बनाते हुए उसमें जमकर तोड़फोड़ की।ग्रामीणों का आरोप है कि 8 दिसंबर को हुई जनसुनवाई नियमों के खिलाफ और फर्जी तरीके से कराई गई थी। उनका कहना है कि उनकी जमीन, जंगल और अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।इसी नाराजगी ने शनिवार को हिंसक रूप ले लिया।फिलहाल रायगढ़ एसपी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच चुके हैं और स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिशें जारी हैं।तमनार में फिलहाल तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। प्रशासन की प्राथमिकता हालात पर काबू पाना और घायल महिला टीआई का समुचित इलाज कराना है। लेकिन इस हिंसा ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है क्या विकास और जनसुनवाई के नाम पर टकराव और खून-खराबा ही अब आखिरी रास्ता बनता जा रहा है।




