
बिलासपुर के तारबाहर अंडरब्रिज पर अब मवेशियों की अराजक घेराबंदी नहीं दिखेगी। बरसात में जहां ट्रैफिक जाम और जानवरों की भीड़ आम थी, वहीं अब रेलवे ने इसका स्थायी हल निकालते हुए काऊ कैचर लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। हर मानसून में तारबाहर अंडरब्रिज पर मवेशियों का डेरा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए सिरदर्द बन जाता था। रेलवे यार्ड से सटे इस हिस्से में लगातार बढ़ती परेशानी को लेकर जोनल रेलवे ने सजगता दिखाई है।

मंगलवार से अंडरब्रिज को 25 जुलाई तक बंद कर दिया गया है, ताकि यहां काऊ कैचर और जल निकासी का काम बिना रुकावट पूरा हो सके।रेलवे प्रशासन ने ट्रैफिक को चुचुहियापारा अंडरब्रिज की ओर डायवर्ट किया है और नागरिकों से अपील की है कि निर्माण कार्य के दौरान सहयोग करें। सीपीआरओ के अनुसार, करीब 10 से 11 दिन में ये काम पूरा कर लिया जाएगा। इस दौरान बरसात के जलभराव को रोकने के लिए भी नई ड्रेनेज सिस्टम लगाई जा रही है।सीपीआरओ ने बताया कि यह कार्य अस्थायी असुविधा के बावजूद दीर्घकालिक सुविधा के लिए है।

हमारी प्राथमिकता आम नागरिकों की सुरक्षा और निर्बाध यातायात है। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम सिर्फ भीड़भाड़ से निजात नहीं, बल्कि सुरक्षा और सुगमता को लेकर एक बड़ा सुधार है। लोगों से सहयोग की अपील करते हुए प्रशासन ने कार्यकाल के दौरान होने वाली असुविधा पर खेद भी जताया है।काऊ कैचर एक मशीनी ग्रिलनुमा स्ट्रक्चर होता है जो मवेशियों के प्रवेश को रोकता है, पर पैदल और वाहन चालकों के लिए खुला रहता है।




