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थाना तारबाहर अंतर्गत पुराना बस स्टैंड शराब भट्टी के पास बेतरतीब सड़क पर खड़ी कार को हटाने के नाम पर आरक्षक और कार चालक के बीच मारपीट।

थाना तारबाहर अंतर्गत पुराना बस स्टैंड शराब भट्टी के पास बेतरतीब सड़क पर खड़ी कार को हटाने के नाम पर आरक्षक और कार चालक के बीच मारपीट हो गयी। इस मामले में तारबाहर पुलिस ने कार जब्त कर दोषी कार चालक के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

तारबाहर पुलिस हमेशा की तरह रविवार की रात भी गस्त करते हुए शराबियों पर कार्यवाही करने पुराना बस स्टैंड स्थित शराब भट्टी पहुंची थी। जहां सरकंडा निवासी आशीष सिसोदिया नामक युवक अपने कार को बीच रास्ते पर खड़ी करके कार के अंदर बैठा हुआ था। जिसे थाना प्रभारी अनिल कुमार अग्रवाल के साथ पेट्रोलिंग पर तैनात प्रफुल कुमार ने बीच रास्ते से कार हटाने की बात कही।जवाब में आशीष ना नुकुर कर रहा था। इसके बाद आरक्षक और आशीष के बीच विवाद शुरू हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि पहले आरक्षक प्रफुल ने आशीष को दो तमाचा लगाया जिसके जवाब में आशीष ने भी आरक्षक को 4 तमाचा जड़ दिया। घटना थाना प्रभारी के सामने हुई, बावजूद इसके थानेदार कोई सख्त एक्शन लेना छोड़कर मौके पर मूकदर्शक बनकर तमाशा देखते रहे। हालांकि बाद में अतिरिक्त पेट्रोलिंग पार्टी बुलाकर आशीष के कार को जब्त कर उसके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की गई।

बहरहाल कई तरह की अटकलें उड़ रही थी कि पहले तारबाहर के आरक्षक ने वर्दी का रौब दिखाकर कार चालक को सरेराह शराब पीने की बात पर 2 तमाचा जड़ दिया था। तो वहीं इस मामले में खुद को बेकसूर बताते हुए कार चालक ने भी आरक्षक को सूद समेत चार तमाचा जड़ा था। आरक्षक और कार चालक के बीच लंबे समय तक विवाद के साथ मारपीट होता रहा। लेकिन टीआई ने मौके पर किसी तरह का कोई एक्शन नही किया बल्कि मूकदर्शक बनकर तमाशा देखते रहे। फिलहाल अगर ये वाक्या वाकई सत्य है तो जिस तरह कार चालक को दोषी मानकर उसपर कार्यवाही की गई उसी तरह वर्दी का रौब और रंगदारी दिखाने वाले आरक्षक पर भी कार्यवाही होनी चाहिए। वैसे भी एसपी रजनेश सिंह ने स्पष्ठ कहा है कानून सबके लिए एक बराबर है। तो देखने वाली बात होगी कि इस मामले में पुलिस निष्पक्ष कार्यवाही करती है या फिर एकतरफा।

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