
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के यांत्रिक विभाग ने जनवरी 2026 और वित्तीय वर्ष 2025-26 में ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने रेलवे के परिचालन मानकों को नई ऊँचाई पर पहुँचा दिया है। बेहतर योजना, आधुनिक तकनीक और कर्मचारियों की मेहनत के दम पर वैगन अनुरक्षण, मरम्मत और कोच ओवरहॉलिंग में कई नए रिकॉर्ड दर्ज किए गए हैं।रायपुर मंडल के भिलाई वैगन कॉम्प्लेक्स ने जनवरी 2026 में 1,311 वैगनों का अनुरक्षण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। इसी माह 1,591 वैगनों का सर्वाधिक रूटीन ओवरहालिंग (आरओएच) आउटटर्न दर्ज हुआ, जो अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

यह उपलब्धि पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए विभाग की कार्यकुशलता को दर्शाती है।रायपुर वैगन रिपेयर शॉप ने जनवरी में 537 वैगनों का पीरियोडिकल ओवरहालिंग (पीओएच) कर नया मासिक रिकॉर्ड बनाया। वहीं, मोतिबाग कार्यशाला ने कोच पीओएच में 38 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज करते हुए रेलवे बोर्ड द्वारा तय लक्ष्य से 24 प्रतिशत ज्यादा प्रदर्शन किया, जो विभाग की मजबूत कार्यसंस्कृति को दर्शाता है।वित्तीय वर्ष 2025-26 में वर्ष-दर-वर्ष तुलना करें तो आरओएच वैगन आउटटर्न 11,178 से बढ़कर 15,334 तक पहुँच गया है।

रायपुर में वैगन पीओएच 4,733 और नागपुर में कोच पीओएच 397 तक पहुँचना, यांत्रिक विभाग की निरंतर प्रगति का प्रमाण है।तकनीकी उन्नयन के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। भिलाई वैगन कॉम्प्लेक्स में एआई-आधारित वैगन निरीक्षण, कम्प्यूटरीकृत टेस्ट रिग और आधुनिक उपकरणों से कार्य समय घटा है और सटीकता बढ़ी है। बढ़े हुए वैगन आउटटर्न से माल लोडिंग की क्षमता में इजाफा हुआ है, जिससे रेलवे की आय और परिचालन दक्षता दोनों को मजबूती मिली है।




