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दसवीं और बारहवीं के परीक्षा जांच में भारी अव्यवस्था, संचार संसाधनों के प्रतिबंधित होने के बाद भी मोबाइल लेकर जा रहे जांचकर्ता।

एक ओर जहां लोकसभा चुनावों की चर्चा चल रही है, तो दूसरी तरफ विद्यार्थियों में अपनी परीक्षा के परिणाम जानने की उत्सुकता बढ़ रही है। बोर्ड की अहम परीक्षाएं हो चुकी हैं। 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों के मूल्यांकन में भारी अव्यवस्था देखने को मिल रहा है, जांचकर्ताओं को निर्देश है कि कापी जांच के दौरान मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित है उसके बावजूद नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।

भारी अव्यवस्थाओं के बीच 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन हो रहे हैं। मल्टीपरपज और महारानी स्कूल में मूल्यांकन कार्य किया जा रहा है। कापी जांच के दौरान गोपनीयता बनाए रखने के लिए मोबाइल कक्षा में ले जाना प्रतिबंधित होता है इसके लिए कक्षा के बाहर बाकायदा मोबाइल प्रतिबंध भी लिखा हुआ है, उसके बाद भी आप देख सकते हैं कि अंदर किस प्रकार जांच कर्ता नियमों का उल्लंघन करते हुए मोबाइल रखकर कापी जांच कर रहे हैं। केंद्र अध्यक्ष से जब इस संबंध में बात किया गया तो उन्होंने बात टालते हुए बताया की यहां 90% कॉपी जांची जा चुकी है जिसका 14 अप्रैल तक का समय दिया गया है, जबकि हमारी ओर से 10 अप्रैल तक ही काफी जांच कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

महारानी स्कूल और गवर्नमेंट स्कूल में चल रहे कॉपी जांच से साफ है कि कितनी पारदर्शिता होगी, जबकि बोर्ड का निर्देश है कि किसी प्रकार का भी संचार उपकरण कापी जांच के दौरान मना है। उसके बावजूद भी यहां खुलेआम नियमों का उल्लंघन हो रहा है ।बोर्ड अधिकारियों के निरीक्षण नहीं करने से शिक्षक और केंद्र अध्यक्ष मनमानी कर रहे हैं। इससे निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती। गौरतलब हैं महारानी स्कूल में कुल 56,000 उत्तर पुस्तिकाएं आई हैं जिसमें 220 शिक्षकों को लगाया गया है।
इस बार 42,509 स्टूडेंट्स शामिल हुए थे।। इनमें 10वीं की परीक्षा में 23,670 परीक्षार्थी शामिल हुए, जबकि 12वीं बोर्ड की परीक्षा 18, 839 बच्चों ने दी। इन सभी बच्चों को अपने रिजल्ट की बेसब्री से प्रतीक्षा है। इस बार लोकसभा चुनावों को देखते हुए बोर्ड के रिजल्ट भी जल्दी घोषित करने की बात कही जा रही है।

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