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धर्मांतरण के विरोध में प्रदेश बंद, बिलासपुर में मिला व्यापक समर्थन,80% दुकानें रहीं बंद,शांति व्यवस्था के लिए पुलिस रही मुस्तैद

स्वयंसेवक एवं सर्व धर्म समाज की ओर से बुधवार 24 दिसंबर को प्रदेश में बढ़ते धर्मांतरण के मामलों के विरोध में बंद का आह्वान किया गया। इस बंद को छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स का भी समर्थन मिला, जिसके चलते प्रदेश के साथ-साथ बिलासपुर में भी व्यापारिक गतिविधियां व्यापक रूप से प्रभावित रहीं। स्वयंसेवक एवं सर्व धर्म समाज द्वारा बुलाए गए प्रदेश बंद का असर बिलासपुर में साफ तौर पर देखने को मिला।

रेलवे क्षेत्र के बुधवारी बाजार से लेकर शहर औऱ ग्रामीण अंचलों तक अलग-अलग क्षेत्रों के व्यापारियों ने बंद को समर्थन देते हुए अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। व्यापारियों का कहना है कि प्रदेश में लगातार बढ़ रहे धर्मांतरण के मामलों को लेकर समाज में नाराजगी है और शासन-प्रशासन को इस दिशा में गंभीर कदम उठाने चाहिए।

व्यापारियों ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन इस मुद्दे पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहा है, जिसके चलते ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। इसी के विरोध स्वरूप बंद का समर्थन किया गया। व्यापारिक संगठनों ने एक स्वर में धर्मांतरण की घटनाओं की निंदा करते हुए इसे सामाजिक सौहार्द के लिए घातक बताया।बंद के दौरान बिलासपुर में लगभग 80 प्रतिशत व्यावसायिक संस्थान पूरी तरह बंद रहे। वहीं करीब 20 प्रतिशत छोटे और बड़े संयुक्त व्यावसायिक संस्थान खुले नजर आए। कुछ दुकानों के शटर आधे खुले थे, तो कुछ प्रतिष्ठान पूरी तरह खुले हुए दिखाई दिए, हालांकि बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में गतिविधियां काफी कम रहीं।बंद को देखते हुए बिलासपुर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया।

शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। इसके अलावा पुलिस की पेट्रोलिंग टीमें लगातार बाजारों और संवेदनशील इलाकों में गश्त करती रहीं, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। इस संबंध में जानकारी देते हुए सीएसपी सिविल लाइन सिंह परिहार ने बताया कि बंद के दौरान जिले में कहीं भी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है।

उन्होंने कहा कि पुलिस हर परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार थी और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही थी। कुल मिलाकर प्रदेश बंद का असर बिलासपुर में स्पष्ट रूप से देखने को मिला, जहां अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे और आम जनजीवन प्रभावित हुआ। हालांकि पुलिस प्रशासन की सतर्कता और तैयारियों के चलते पूरे बंद के दौरान शांति व्यवस्था बनी रही और कोई भी अप्रिय घटना सामने नहीं आई।

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