
शुक्रवार को बिलासपुर कलेक्टोरेट परिसर में बड़ी संख्या में हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि एकत्र हुए और धर्मांतरण पर रोक लगाने की मांग को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। संगठनों का कहना है कि पिछले कुछ समय से शहर और आसपास के क्षेत्रों में धर्मांतरण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर इस दिशा में ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिल रही है। इसी कारण स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।ज्ञापन सौंपने पहुंचे हिंदू संगठन के सदस्यों ने बताया कि कई बार शिकायतों और विरोध के बाद भी प्रशासन ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया, जिससे धर्मांतरण की गतिविधियों को बढ़ावा मिलता दिख रहा है। प्रतिनिधियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इस पर प्रभावी रोकथाम के लिए स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में हिंदू संगठन उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।संगठनों के अनुसार, उनकी मांग है कि धर्मांतरण रोकथाम कानून का कड़ाई से पालन कराया जाए, संदिग्ध गतिविधियों की जांच हो और ऐसे मामलों में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि प्रशासनिक तंत्र सक्रिय भूमिका निभाए।उधर, कुछ दिन पहले ही क्रिश्चियन समुदाय ने भी अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था। अब दोनों समुदायों की अलग-अलग मांगों के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन किस तरह संतुलन बनाते हुए आगे की कार्रवाई तय करता है।




