
प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अभियान तेजी से जारी है। 14 नवंबर से शुरू हुई खरीदी में अब तक 22.25 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदा जा चुका है, जबकि 4.39 लाख से अधिक किसानों ने धान बेच दिया है। किसानों को भुगतान के लिए मार्कफेड द्वारा अब तक 5277 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। इस खरीफ वर्ष में कुल 27.30 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है और लगभग 9 लाख टोकन जारी किए गए हैं।प्रदेश में महासमुंद जिला धान खरीदी में पहले स्थान पर है, जबकि गरियाबंद और बिलासपुर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर बने हुए हैं। राज्य सरकार की टोकन तुंहर ऐप व्यवस्था किसानों के लिए काफी सहायक साबित हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर खरीदी केंद्रों की निगरानी सख्ती से की जा रही है, और अवैध धान परिवहन रोकने चेकपोस्ट पर अधिकारी तैनात हैं। सरकार किसानों से समर्थन मूल्य पर 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान और कृषि उन्नति योजना के तहत 3100 रुपए प्रति क्विंटल पर भुगतान कर रही है, जिससे किसानों में उत्साह देखा जा रहा है।




