
कोटा विधानसभा क्षेत्र में धान खरीदी की समस्याओं से नाराज़ सैकड़ों ग्रामीणों ने आज सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के नेतृत्व में किसानों का बड़ा जत्था कलेक्टर कार्यालय पहुंचा और दारसागर सेवा सहकारी समिति में धान खरीदी केंद्र बंद होने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। दारसागर समिति के अंतर्गत 6 ग्राम पंचायत और 15 गांव आते हैं, लेकिन यहां केंद्र शुरू न होने से किसानों को करीब 20 किलोमीटर दूर बेलगहना धान मंडी में धान बेचने जाना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि बेलगहना मंडी पहले से ही 25 गांवों की जिम्मेदारी संभाल रही है, जहां हर साल 1 लाख 25 हजार क्विंटल से अधिक धान खरीदा जाता है। ऐसे में दूर-दराज़ के किसानों को आवक टोकन लेने से लेकर धान की तौल तक घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई किसान देर रात तक मंडी में जमे रहते हैं और सड़क पर ही रात गुजारने को मजबूर हो जाते हैं। किसानों का कहना है कि यह स्थिति उनके लिए मानसिक, आर्थिक और शारीरिक रूप से बेहद नुकसानदायक हो गई है। विधायक अटल श्रीवास्तव ने कलेक्टर से मिलकर इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण दारसागर केंद्र शुरू नहीं हो पा रहा है, जिससे किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जहां सरकार 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदने की घोषणा करती है, वहीं क्षेत्र के कुछ स्थानों पर आज भी 14 क्विंटल तक ही धान खरीदा जा रहा है, जो सरासर गलत है। इसके अलावा वनभूमि में खेती करने वाले किसानों के लिए अब तक कोई गाइडलाइन न जारी होने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।




