
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश में धान खरीदी का कार्य इन दिनों प्रारंभ कर दिया गया है, लेकिन व्यवस्था में खामियों के कारण किसान भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि न तो टोकन कट पा रहा है और न ही पोर्टल में सुचारू रूप से एंट्री हो रही है। इससे खासतौर पर छोटे एवं सीमांत किसानों की दिक्कतें बढ़ गई हैं, क्योंकि उनका पूरा निर्भरता सरकारी खरीदी पर है। कई केंद्रों में तकनीकी गड़बड़ियों, इंटरनेट बाधाओं और सुस्त प्रक्रिया के कारण लंबी कतारें और अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई है।इन्हीं समस्याओं को लेकर आगामी दिनों में आयोजित होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में धान खरीदी का मुद्दा प्रमुख रूप से छाया रहने की संभावना है। कांग्रेस ने सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है। विपक्ष का कहना है कि प्रदेश में धान खरीदी को लेकर व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं और सरकार किसानों को राहत देने में विफल रही है। विपक्षी विधायकों ने संकेत दिए हैं कि वे सदन में इस विषय पर विस्तृत चर्चा करेंगे और किसानों की समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाएंगे। धान खरीदी की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर सदन में तीखी बहस होने के आसार हैं।




