
बिलासपुर के मंगला स्थित धुरिपारा में एक युवक की संदिग्ध हालात में मौत ने पूरे इलाके को हिला दिया है। मृतक के परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुट गई है। मृतक सुनील पटेल 10 जुलाई की सुबह कुछ लोगों के साथ काम पर निकला था। परिजनों का कहना है कि उसे किसी बहाने बाहर ले जाया गया, कुछ खिलाया-पिलाया गया और फिर मारपीट की गई।

गंभीर रूप से घायल सुनील को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन परिजनों को सूचना देर से मिली। जब वे पहुंचे तो सुनील कोमा में था और सिर में गंभीर चोट के निशान थे।परिवार ने साफ कहा है कि यह हादसा नहीं, सोची समझी साजिश है। पूर्व पार्षद श्याम पटेल ने भी मामले को संदिग्ध बताते हुए कहा कि जब उन्होंने सुनील को अस्पताल में देखा, तब उसकी हालत बेहद खराब थी और वह होश में नहीं था।

इसके कुछ ही समय बाद उसकी मौत हो गई। सिविल लाइंस थाना प्रभारी एस. आर. साहू ने बताया कि सुनील, एन. जी. लकड़ा के घर पर घरेलू काम करता था और घटना वाले दिन वहीं गया था। उन्होंने कहा कि पंचनामा की कार्रवाई चल रही है और सभी एंगल से जांच की जा रही है। वहीं जिन पर मारपीट का आरोप है, वे भी थाने पहुंचकर अपना बयान दर्ज करवा चुके हैं।

मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं क्या यह वास्तव में एक हादसा था या फिर सुनियोजित हत्या? क्या पुलिस सभी पहलुओं को निष्पक्षता से देख रही है? परिजनों का आरोप है कि पोस्टमार्टम और FIR में भी ढिलाई बरती जा रही है, जो संदेह और बढ़ाता है।सुनील की मौत ने कई सवालों को जन्म दे दिया है। परिजन न्याय की गुहार लगा रहे हैं और अब यह देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी गंभीरता और पारदर्शिता से जांच करती है।




