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नगर निगम की लापरवाही से परेशान मोहल्लेवासी,,शिक्षक के अवैध निर्माण व अवैध कब्ज़ा और गंदगी से बढ़ी समस्या

बिलासपुर :- शहर में नगर निगम की लापरवाही और भ्रष्टाचार का ऐसा आलम है कि कॉलोनियों की हालत दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। वार्ड क्रमांक-46, गणेश नगर, अपूर्णा कॉलोनी सेक्टर-3 के रहवासी लंबे समय से अवैध कब्ज़ों और गंदगी की समस्या से जूझ रहे हैं। लोगों ने कई बार शिकायत की, सामूहिक आवेदन दिए, लेकिन निगम प्रशासन की आंखें अब तक नहीं खुली हैं।
रहवासियों का कहना है कि कॉलोनी की मुख्य सड़क पर अवैध कब्ज़ा और निर्माण कार्य खुलेआम किया जा रहा है। इसके चलते सड़कें संकरी हो गई हैं, जगह-जगह जाम की स्थिति बनती है और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। गाड़ियां खड़ी करने की जगह तक नहीं बची है।
लोगों का आरोप है कि नगर निगम अधिकारियों की मिलीभगत से कॉलोनी में अवैध निर्माण धड़ल्ले से किए जा रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की। नतीजा यह है कि पानी निकासी, सफाई व्यवस्था और सड़कों की समस्या विकराल रूप ले चुकी है।
इसी तरह अन्नपूर्णा कॉलोनी, सेक्टर-5 के मोड़ के पास भी एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां माई छोटा स्कूल के सामने शिक्षक प्रवीण कुमार तरुण द्वारा नियम विरुद्ध अवैध निर्माण किया गया है। बताया जाता है कि उसने नगर निगम को ठेंगा दिखाकर सड़क पर ही कब्ज़ा कर गेट, बाउंड्री वॉल और अन्य निर्माण खड़े कर दिए।
पूर्व में नगर निगम ने इस पर कार्रवाई भी की थी, लेकिन शिक्षक प्रवीण कुमार तरुण ने दोबारा बुलंद हौसलों के साथ अवैध निर्माण खड़ा कर दिया। इससे साफ जाहिर होता है कि या तो निगम की मिलीभगत है या फिर मोटी रकम लेकर अधिकारी आंखें मूंद बैठे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब नगर निगम की नाक के नीचे हो रहा है, फिर भी निगम चुप है। सवाल यह है कि जब आम लोग अपने घरों में एक छोटा-सा रिपेयरिंग का काम करते हैं तो निगम नोटिस थमा देता है, लेकिन बड़े पैमाने पर कब्ज़ा और निर्माण होने पर निगम क्यों खामोश है?
निवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे सामूहिक आंदोलन करेंगे और निगम दफ्तर का घेराव भी करेंगे। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अवैध कब्ज़ों को तुरंत हटाया जाए और दोषी अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो।
जनता का साफ कहना है कि जब तक नगर निगम अपनी मिलीभगत और भ्रष्टाचार से बाहर नहीं निकलेगा, तब तक शहर की कॉलोनियां अव्यवस्था और गंदगी से नहीं उबर पाएंगी। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कब जागता है और लोगों को राहत दिलाता है।

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