
नगर निगम के कर्ता धार्ताओं ने नगर निगम एक्ट को माँ मौसी एक्ट बना रखा है! तभी तो एमआईसी में सड़को के डिवाइडर पर मंत्री और उनके समर्थकों के लगे विज्ञापन बोर्ड निगम प्रशासन और नगर निगम के मेयर इन काउंसिल को खुलेआम ठेंगा दिखा रहे !मामला एमआईसी में लिए गए सड़को के डिवाइडर पोल पर लगाए गये विज्ञापन बोर्ड का है! आप खुद देखिए..कैसे मंत्री और उनके समर्थकों के चौखटे वाले तस्वीरों के विज्ञापन बोर्ड तमाम नियम कायदों को ताक पर रखकर डिवाइडर पोल पर लगाए गए है!कहानी ये है, कि एक विधायक के डिवाइडर पोल पर लगाए गए. पोस्टर से टकराकर शहर के एक युवक की मौत हुई थी! इस घटना को संज्ञान में लेते हुए… नगर निगम की पावर फूल माने जाने वाली एमआईसी ने यह निर्णय लिया था कि अब डिवाइडर पोल पर विज्ञापन बोर्ड नहीं लगने दिए जाएंगे इसके बावजूद कही युवा दिवस तो कही धार्मिक आयोजन के बोर्ड डिवाइडर पोल पर लगाए गए हैं! जो आम राहगीरों के लिए फिर जीवलेवा साबित हो रही है! राजेंद्र नगर चौक के पास ऐसे ही एक डिवाइडर पोल पर लगाये गए पोस्टर से टकरा कर एक युवक के घायल होने से यह सवाल फिर खड़ा हो गया कि क्या नगर निगम के मेयर इन काउंसिल की बैठक में लिए गए निर्णयो की क्या कोई अहमियत नहीं है।




