
प्रदेश में बढ़ते अपराध के बीच निजी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने को लेकर 18 जनवरी को बिलासपुर के एक होटल में निजी सिक्योरिटी संचालकों की राज्यस्तरीय बैठक आयोजित की गई।बैठक में पूर्व मंत्री बिलासपुर नगर विधायक अमर अग्रवाल, महापौर पूजा विधानी,जिला अध्यक्ष दीपक सिंह,CAPSI के चेयरमैन कुंवर विक्रम सिंह, जनरल सेक्रेटरी महेश शर्मा सहित प्रदेशभर के प्रमुख सिक्योरिटी एजेंसी संचालक शामिल हुए।

बैठक में बिना लाइसेंस संचालित अवैध सिक्योरिटी एजेंसियों को अपराध बढ़ने का बड़ा कारण बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि अनधिकृत एजेंसियां न केवल सुरक्षा मानकों से समझौता करती हैं, बल्कि प्रशिक्षित कर्मियों के अभाव में कानून-व्यवस्था के लिए खतरा भी बन रही हैं।लाइसेंस प्रक्रिया को सरल करने, भुगतान में देरी, सुरक्षा कर्मियों से मारपीट और कार्यस्थल पर उनकी सुरक्षा जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई।कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व मंत्री एवं बिलासपुर नगर विधायक अमर अग्रवाल ने कहा कि आर्थिक प्रगति के साथ अपराध की चुनौतियां भी बढ़ती हैं, ऐसे में निजी सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका बेहद अहम हो गई है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में बने कानून के तहत केवल पंजीकृत और नियमों का पालन करने वाली एजेंसियों को ही काम करने दिया जाना चाहिए, ताकि आम नागरिक निश्चिंत होकर सुरक्षा सेवाएं ले सकें।CAPSI चेयरमैन कुंवर विक्रम सिंह ने बताया कि देशभर में निजी सुरक्षा गार्ड फर्स्ट रिस्पॉन्डर की भूमिका निभाते हैं। इसी उद्देश्य से सिविल डिफेंस, होमगार्ड और नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के साथ एमओयू कर गार्ड्स को आपदा और आपातकालीन प्रशिक्षण दिया जा रहा है।उन्होंने बताया कि नए श्रम कानून के तहत पूरे देश में सुरक्षा गार्ड्स के लिए एक समान वेतन व्यवस्था लागू होगी, जिससे उनके वेतन और कार्यस्थितियों में बड़ा सुधार आएगा।




