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Friday, March 20, 2026
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न्यू लोको कॉलोनी में मां त्रिपुर सुंदरी दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब चैत्र नवरात्रि के पहले दिन 1100 दीपों से जगमगाया सिद्धपीठ, भक्तिभाव में डूबा शहर

बिलासपुर के न्यू लोको कॉलोनी स्थित श्री सिद्धपीठ मां त्रिपुर सुंदरी मंदिर में चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। मां के दरबार में सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां हर भक्त माता के दर्शन कर अपने जीवन में सुख-शांति और समृद्धि की कामना करता नजर आया। नवरात्रि के शुभ अवसर पर मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है। प्रथम दिन घट स्थापना के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई और मां त्रिपुर सुंदरी को शैलपुत्री स्वरूप में पीले वस्त्रों से विशेष श्रृंगार किया गया।

शंख ध्वनि, घंटियों की गूंज और माता के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।मंदिर समिति के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार खेत्रपाल ने बताया कि इस वर्ष मंदिर में 1100 दीप प्रज्ज्वलित किए जा रहे हैं। यह नवरात्रि मंदिर के 33वें वर्ष का प्रतीक है, जो मां की असीम कृपा और आशीर्वाद का परिणाम है। उन्होंने सभी बिलासपुरवासियों और देशवासियों से मां के दरबार में आकर आशीर्वाद लेने की अपील की।उन्होंने आगे कहा कि मां की कृपा से ही बिलासपुर और विशेषकर रेलवे क्षेत्र में निरंतर विकास हो रहा है।

यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि शहर की आध्यात्मिक ऊर्जा का भी प्रमुख स्रोत है, जहां हर साल हजारों श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं। मंदिर के पुजारी तरुण आचारी ने बताया कि यह प्राचीन सिद्धपीठ लगभग 100 वर्षों से अधिक पुराना है और मां त्रिपुर सुंदरी यहां “मनौती वाली देवी” के रूप में विख्यात हैं। प्रथम दिवस पर अभिजीत मुहूर्त में घट स्थापना के साथ मनोकामना ज्योति प्रज्वलित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

उन्होंने यह भी बताया कि मां त्रिपुर सुंदरी को श्रीविद्या स्वरूप में पूजा जाता है और उन्हें लाल नारियल अत्यंत प्रिय है। ऐसी मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से यहां नारियल अर्पित करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है। यही कारण है कि दूर-दूर से श्रद्धालु यहां अपनी इच्छाएं लेकर आते हैं।

नवरात्रि के दौरान 26 तारीख को भंडारे और कन्या भोज का विशेष आयोजन किया जाएगा। हर वर्ष की तरह इस बार भी भक्ति और सेवा का यह सिलसिला जारी रहेगा। मंदिर प्रबंधन और सहयोगियों के संयुक्त प्रयास से यह पर्व भव्य रूप में मनाया जा रहा है, जहां हर श्रद्धालु मां की कृपा और आशीर्वाद का अनुभव कर रहा है।

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