बिलासपुर शहर के पटाखा व्यापारी इस बार मुश्किल हालात में हैं। नगर निगम ने बकाया राशि जमा किए बिना अस्थाई दुकानों के लिए जगह देने से इनकार कर दिया है। लगभग 4 लाख 41 हजार रुपये का बकाया है, जिसे लेकर व्यापारियों में चिंता बढ़ गई है। पहले रक्षित केंद्र के पुलिस ग्राउंड में अस्थाई फटाका दुकानें लगती थीं।लेकिन अब उन्हें साइंस कॉलेज मैदान की जगह दी जा रही है। वही बकाया राशि को लेकर अस्थाई फटाका व्यापारी पूर्व मंत्री एवं बिलासपुर शहर विधायक अमर अग्रवाल से मिलने पहुंचे।पटाखा व्यापारियों ने आग्रह किया कि उन्हें पूर्व की तरह दुकानें लगाने की अनुमति दी जाए। विधायक ने भरोसा दिलाया कि दुकानों को सुरक्षित तरीके से लगाया जाएगा, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा मानकों पर सख्ती से अमल करने का निर्णय लिया है।

व्यापारियों ने यह भी कहा कि रेलवे परिक्षेत्र में भी अस्थाई फटाका दुकानें लगती है।जिन्हें एनआई ग्राउंड में स्थान दिया जा रहा है।नगर निगम उनसे तो कुछ भी वसूल नही करता।तो फिर हर बार शहर के ही अस्थाई फटाका दुकानदारों को क्यों परेशान किया जाता है।हाल ही में एक पटाखा दुकान में आग लगने की घटना के बाद प्रशासन और भी सतर्क हो गया है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि बकाया राशि का मामला 2 दिनों में सुलझ जाएगा और इसके बाद ही व्यापारियों को दुकानें लगाने की अनुमति दी जाएगी। अब देखना होगा कि ये व्यापारी कब तक अपना कारोबार शुरू कर पाते हैं।




