
बिलासपुर वन वृत्त में बुधवार को एक अहम प्रशासनिक बैठक का आयोजन हुआ, जिसकी अध्यक्षता प्रभारी अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक एपीसीसीएफ शालिनी रैना ने की। इस दौरान उन्होंने सर्किल अंतर्गत सभी 10 डिविजनों के डीएफओ से कामकाज की समीक्षा की और वर्षा ऋतु में अधिकतम पौधारोपण के निर्देश दिए। मानव संसाधन विकास, आईटी और सतर्कता शाखा की प्रभारी एपीसीसीएफ शालिनी रैना ने सीसीएफ कार्यालय बिलासपुर में आयोजित इस वार्षिक निरीक्षण बैठक में वृक्षारोपण अभियानों की प्रगति, लंबित परियोजनाओं और मॉनिटरिंग सिस्टम पर विशेष ध्यान केंद्रित किया।

उन्होंने कहा कि मानसून के इस अवसर को वृक्षारोपण के लिए बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि लगाए गए पौधों की सतत निगरानी भी की जाए।बैठक में बिलासपुर सर्किल के बिलासपुर, कटघोरा, कोरबा, मुंगेली, मरवाही सहित सभी वन मंडलों के डीएफओ उपस्थित रहे। सीसीएफ प्रभात मिश्रा भी पूरे समय मौजूद रहे। बैठक के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि सभी क्षेत्रीय अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे पर्यावरणीय कार्यक्रमों को पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ आगे बढ़ाएं।

यह निरीक्षण केवल प्रगति परखने नहीं बल्कि भविष्य की रणनीति तय करने का भी अवसर रहा। एपीसीसीएफ शालिनी रैना ने कहा कि वन विभाग की प्राथमिकता अब केवल वृक्षारोपण नहीं, बल्कि उसकी प्रभावी निगरानी और दीर्घकालिक सफलता सुनिश्चित करना है। बिलासपुर वन वृत्त की सक्रियता की उन्होंने सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह प्रदेश में एक मॉडल के रूप में उभरेगा।




