
नगर निगम भवन शाखा के द्वारा पुराना बस स्टैंड मैं तीन मंजिला अवैध निर्माण को रविवार को तोड़ा गया ।बताया जा रहा है कि उनके द्वारा भवन निर्माण के लिए अनुमति तो दी गई लेकिन इसमें अनुमति से ज्यादा निर्माण कराया गया जिसकी वजह से नगर निगम में इसे तोड़ा है हालांकि निर्माण को तोड़े जाने का विरोध भी व्यापारियों ने किया है। पिछले कुछ समय से नगर निगम शहर में अवैध रूप से निर्माण हो रहे निर्माणाधीन मकान और दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई कर रहा है। जिसके तहत रविवार को पुराना बस स्टैंड में तीन मंजिला कमर्शियल दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई नगर निगम के द्वारा की गई बताया जा रहा है कि इन दुकानों को नगर निगम ने अवैध निर्माण की दृष्टिकोण से तोड़ा है ।

नगर निगम के अधिकारियों की माने तो निर्माण के लिए जितनी अनुमति ली गई थी उससे अधिक निर्माण इनके द्वारा कराया जा रहा था जिसके लिए इन्हें तीन बार नोटिस जारी किया गया लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में इन अतिक्रमण को तोड़ने की कार्रवाई की गई है लेकिन यह समझ से परे हैं कि शहर के हृदय स्थल में इस तरह तीन मंजिला कमर्शियल दुकान निर्मित हो जाती है और नगर निगम के अधिकारी उसके बनने का इंतजार करते हैं आज भी जब नगर निगम अमला इसे तोड़ने पहुंचा तब यहां निर्माण कार्य चल रहा था अब यह समझ से परे है कि नगर निगम के अधिकारियों को हृदय स्थल में इतनी बड़ी इमारत का अवैध निर्माण होना नहीं दिखा और दिखा तो उनके द्वारा पूर्व में ही कार्रवाई क्यों नहीं की गई अब इसमें सभी को मिली भगत की सुगबुगाहट नजर आ रही है लेकिन बात नहीं बनने की स्थिति में इस पर कार्रवाई की गई है चंद कदमों की दूरी पर जोन कमिश्नर कार्यालय भी स्थापित है उसके बाद भी इमारत पर नजर नहीं पड़ने की बात कहना कहीं ना कहीं जोन के अधिकारियों और निगम की साठगांठ को दर्शाता है।

यह तीनों बहुमुल्जिला कमर्शियल दुकान जिनकी बन रही थी उनका कहना है कि निश्चित ही उन्होंने अनुमति से ज्यादा निर्माण किया है लेकिन इसी क्षेत्र में ऐसे कई निर्माण है जिन्होंने नियम विरोध निर्माण किया है लेकिन नगर निगम की दृष्टि उसे और नहीं जाती पहले इनके द्वारा नोटिस का जवाब दिया गया है लेकिन उसके बाद भी नगर निगम के द्वारा मनमाना रवैया अपनाया जा रहा है जो गलत है अच्छी बात है कि नगर निगम के द्वारा अवैध निर्माण पर गाज गिराई गई है लेकिन दूसरी ओर नगर निगम के अधिकारियों की इस इमारत पर दृष्टि नहीं पड़ना समझ से परे है भले ही नगर निगम के द्वारा अब इस दिशा में कितनी भी सफाई दी जाए लेकिन यह तो साफ दिख रहा है की नगर निगम के अधिकारियों ने जानबूझकर इस अवैध निर्माण को पनपना दिया लेकिन देखना है कि अब नगर निगम आयुक्त संबंधित अधिकारियों पर कोई कार्रवाई करते हैं यह फिर केवल अतिक्रमण तोड़ नगर निगम आयुक्त अपनी वहवाही बटोरते हैं।




