Site icon Grand Gumber News

पुरानी गाड़ी बेचने के बाद भी पड़ रही है थाने की हाजिरी नाम ट्रांसफर न कराया तो भुगतना पड़ सकता है दूसरे की गलती का खामियाजा

अगर आपने पुरानी गाड़ी बेच दी है और चैन की नींद सो रहे हैं तो ज़रा होशियार हो जाइए।क्योंकि जिस गाड़ी को आप भुला चुके हैं,वो आपको पुलिस थाने और कोर्ट तक खींच सकती है।ट्रैफिक पुलिस ने ऐसे ही मामलों को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है।दरअसल बिना नाम ट्रांसफर के बेची गई गाड़ियां मुसीबत की जड़ बन रही हैं। वहीं इसका खामियाज़ा गाड़ी मालिक को भुगतना पड़ रहा है। बिलासपुर जिले में ट्रैफिक पुलिस के सामने लगातार गाड़ी खरीदी बिक्री के बाद नाम ट्रांसफर ना करवाने के मामले आ रहे हैं,जिनमें लोग अपनी पुरानी गाड़ियों को बेच तो देते हैं, लेकिन नए मालिक के नाम पर रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर नहीं कराते।यही लापरवाही बाद में भारी पड़ रही है।यातायात नियमों का उल्लंघन हो या सड़क हादसे, पुराने मालिकों के नाम पर ही चालानी नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिससे वे अनावश्यक कानूनी उलझनों में फंसते जा रहे हैं।यातायात विभाग के अनुसार, कई वाहन मालिक तो ऐसे मामलों में खुद को पूरी तरह निर्दोष होने के बावजूद थाना, कोर्ट और प्रशासनिक जांचों में उलझा हुआ पाते हैं। केवल नाम ट्रांसफर न कराना उन्हें अपराधी बना देता है, और कई बार इस झमेले में महीनों तक राहत नहीं मिलती।इस गंभीर स्थिति को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक रामगोपाल करियारे के मार्गदर्शन में बिलासपुर यातायात पुलिस ने अभियान छेड़ दिया है। लोगों को नियमों की जानकारी देने के लिए “यातायात कार्यवाही रैली” भी चलाई जा रही है, जिसमें चेतावनी दी जा रही है कि अब कोई बहाना नहीं चलेगा।

चेतावनी यह भी है कि अगर आप पुराने वाहन के रजिस्टर्ड मालिक हैं और नई पार्टी ने ट्रांसफर नहीं करवाया, तो किसी भी प्रकार की लापरवाही या अपराध की जिम्मेदारी सबसे पहले आपके ऊपर ही आएगी। इसमें न सिर्फ चालान की राशि, बल्कि गंभीर अपराधों की विवेचना में भी नाम घसीटने की पूरी आशंका बनी रहती है।पुलिस के अनुसार, बड़ी संख्या में ऐसी एजेंसियां भी कार्यरत हैं जो पुराने वाहनों की बिक्री तो करती हैं, लेकिन दस्तावेज़ों का पूरा ट्रांसफर नहीं करातीं। कई बार एजेंसियों द्वारा दी गई गाड़ियाँ आपराधिक घटनाओं में प्रयुक्त हो जाती हैं, और पुराने मालिकों को पूछताछ व कानूनी कार्यवाही में झोंक दिया जाता है। यातायात विभाग का कहना है कि अब से ऐसे सभी पुराने वाहन विक्रेताओं की निगरानी की जाएगी। नाम ट्रांसफर न कराने पर न सिर्फ ट्रैफिक चालान बल्कि FIR और जांच की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। विभाग ऐसे सभी प्रकरणों का डेटा संकलित कर रहा है और आगे चलकर इनपर सख्त कार्यवाही की जाएगी।बिलासपुर ट्रैफिक पुलिस की ओर से अंतिम चेतावनी है इसलिए पुरानी गाड़ी बेचकर निश्चिंत मत हो जाइए। नाम ट्रांसफर न करवाया तो किसी और की गलती की सजा गाड़ी के पहले मालिक को भुगतनी पड़ सकती है।

Exit mobile version