
वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना में किए जा रहे बदलावों को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बुधवार को बिलासपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा जैसे ऐतिहासिक और गरीबों के लिए जीवनरेखा साबित हुई योजना को चरणबद्ध तरीके से खत्म करने की तैयारी कर चुकी है। इसके विरोध में कांग्रेस आगामी दिनों में चरणबद्ध आंदोलन करेगी शनिवार को कांग्रेस भवन में छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टी एस सिंह देव ने पत्रकारों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आगामी कांग्रेस की मनरेगा बचाओ संगम पर पूरी जानकारी उपलब्ध कराई तो उन्होंने भाजपा के द्वारा मनरेगा को खत्म कर व्यवस्था को बिगड़ने की बात कही।टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि मनरेगा एक केंद्रीय कानून था, जिसके तहत मजदूरी की 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार वहन करती थी। लेकिन अब मोदी सरकार इसे बदलकर केंद्र और राज्य का हिस्सा 60:40 करना चाहती है। इतना ही नहीं, अब पहले राज्य सरकार को 50 प्रतिशत राशि “मैचिंग ग्रांट” के रूप में जमा करनी होगी, उसके बाद ही केंद्र सरकार अपनी हिस्सेदारी जारी करेगी। उन्होंने कहा कि राज्यों की वित्तीय स्थिति किसी से छिपी नहीं है, ऐसे में यह व्यवस्था मनरेगा को धीरे-धीरे खत्म करने का रास्ता है। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार राज्योंपर लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ डालना चाहती है। जब यह बोझ राज्यों पर पड़ेगा तो स्वाभाविक है कि राज्य सरकारें खर्च से बचने के लिए काम ही देना बंद कर देंगी और नतीजतन मनरेगा योजना कागजों तक सिमट जाएगी।

टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि मनरेगा योजना देश के सबसे गरीब और वंचित वर्ग के लिए रोजगार का सबसे बड़ा सहारा रही है। कोरोना महामारी जैसे संकट काल में भी इस योजना ने करोड़ों मजदूरों को सम्मानजनक आजीविका दी। ऐसे में इस योजना को कमजोर करना सीधे-सीधे गरीब मजदूरों के खिलाफ है।उन्होंने 100 दिन से 125 दिन काम देने के दावे को भी “सिर्फ एक चालाकी” करार दिया। सिंहदेव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार आने के बाद से लगभग 70 प्रतिशत गांवों में अघोषित रूप से काम नहीं दिया जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर भी पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान मनरेगा के तहत औसतन सिर्फ 38 दिन का ही काम मिला है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 100 दिन का काम कभी दिया ही नहीं गया, तो 125 दिन का दावा किस आधार पर किया जा रहा है।सिंहदेव ने कहा कि मनरेगा मजदूरों का कानूनी अधिकार था, जिसे अब एक प्रशासनिक सहायता में बदला जा रहा है, जो पूरी तरह केंद्र सरकार की मर्जी पर निर्भर होगी। इससे मजदूरों का अधिकार खत्म होकर उनकी स्थिति सरका कृपा पर टिक जाएगी। उन्होंने भाजपा पर भगवान राम के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि “V.B.G.RAM.G.” में कहीं भी भगवान राम नहीं हैं। यह सिर्फ एक फुल फॉर्म है विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण। भाजपा एक बार फिर राम के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है।




