
सरकंडा थाना क्षेत्र में एक संगठित धोखाधड़ी के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। प्रार्थी प्रकाश दुबे ने अपनी पैतृक भूमि की फर्जी बिक्री की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आरोपियों ने स्वर्गवासी भैयालाल दुबे के नाम पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर रजिस्ट्री कराई और असली भू-स्वामी की जगह एक बुजुर्ग व्यक्ति को खड़ा कर दिया गया।पूरी योजना में अनुज मिश्रा, राहुल पटवा, प्रियांशु मिश्रा सहित पांच लोग शामिल थे, जिन्होंने भैयालाल दुबे के स्थान पर 75 वर्षीय मंगलदास पण्डो को खड़ा कर रजिस्ट्री करवाई। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मंगलदास पण्डो और राम गोविंद पटवा को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया, जबकि अनुज मिश्रा, प्रियांशु मिश्रा और राहुल पटवा को पुलिस रिमांड में लिया गया है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर सरकंडा थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पांडे की टीम ने यह कार्रवाई की।धोखाधड़ी का यह मामला राजस्व दस्तावेजों की सुरक्षा और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस ने साफ किया है कि इस तरह की फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




