
बिलासपुर पुलिस द्वारा 17 दिसंबर को पॉक्सो अधिनियम के तहत प्रकरणों की प्रभावी विवेचना और दोषसिद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह आईपीएस के निर्देश पर किया गया, जिसमें जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारी, महिला पुलिस अधिकारी एवं 80 से अधिक विवेचक शामिल हुए।कार्यशाला में माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती पूजा जायसवाल ने नाबालिगों से संबंधित अपराधों में सख्त और संवेदनशील विवेचना पर जोर दिया।

उन्होंने पीड़िता की उम्र निर्धारण से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों तथा नाबालिग-बालिग की स्थिति में विवेचना के कानूनी पहलुओं की जानकारी दी। वहीं माननीय एडीजे श्री वेसनलास टोप्पो ने विवेचना में होने वाली त्रुटियों को दूर करने, पटवारी नक्शे को महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में शामिल करने और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर दोषसिद्धि की प्रक्रिया को समझाया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने विवेचकों को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जैसे फोटो, वीडियो और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुदृढ़ विवेचना ही अपराधियों को सजा दिलाने का मजबूत आधार बनती है। कार्यशाला में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहे और पॉक्सो प्रकरणों में विवेचना को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई।




