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प्रदेश में बढ़ते तलाक और दूसरी विवाह पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने जन सुनवाई के दौरान चिंता व्यक्त करते हुए लोगों में फैलाई जागरूकता।

प्रदेश में बढ़ते तलाक के मामले तथा पहली पत्नी के रहते दूसरा विवाह करने को लेकर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने पति-पत्नियों को समझाते हुए कहा कि राज्य महिला आयोग अपने स्तर पर प्रयास कर रही है।

महिला आयोग की अध्यक्ष ने प्रदेश में 50-60 मामलों की जानकारी दी और कहा कि लव मैरिज और दूसरी शादी करना समाज में चिंता का विषय है। शादी के पहले सभी फिल्मी हीरो की तरह नजर आते हैं। आज इसी तरह के मामलों की जानकारी देते हुए किरणमयी नायक ने बताया कि रेलवे में कुली से रिटायर होने के बाद एक आदमी ने अपनी पहली पत्नी को रेलवे का मकान खाली करने के लिए ढाई लाख रुपए देने का लालच दिया और घर खाली करा लिया। जब तक पहली पत्नी घर खाली नहीं करती तब तक पति का पेंशन नहीं बनता और घर खाली करने के बाद पैसा देने से मुकर गया। अब कुली की पहली पत्नी महिला आयोग के समक्ष पहुंची और उसकी पहली पत्नी भी कुली के खिलाफ कार्रवाई नहीं चाहती और दोनों में लेनदेन का समझौता कराया गया है और डेढ़ लाख रुपए नगद दिलाया गया।

वही एक अन्य मामले की जानकारी देते बताया गया कि पति-पत्नी का एक विवाद सामने आया है, जिसमें बच्चों ने अपने माता-पिता के साथ रहने की बात कही और कहा कि दूसरी आंटी को जेल भेज दो। अभी इस मामले में महिला आयोग ने दोनों पक्षकारों को रायपुर बुलाया है। पति-पत्नी के बीच सुलह करने के लिए आपसी राजीनामा के लिए आयोग ने पहल की है । महिला को 5 लाख मिलना था लेकिन पति ने उसे 2 लाख दिया। अब आपसी समझौता कराया गया है।

आयोग ने बताया कि एक बैंक में महिला कर्मचारी के वेतन को लेकर आदेश जारी किया गया है और 2 साल से महिला को वेतन नहीं मिला है 1,70000 रुपए के आदेश जारी किए गए हैं। 37 मामलों में से आयोग ने 10 मामलों की अब तक सुनवाई की है। किरणमयी नायक ने बताया कि 4 साल में प्रदेश में 263 वी जनसुनवाई है जिसमें बिलासपुर की यह 16वीं जनसुनवाई है और प्रदेश में पति-पत्नी के विवाद वाले मामले 50 से 60 आए हैं। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने पति-पत्नी के आपसी विवाद को लेकर दोनों पक्षों को समझाया भी और फटकार भी लगाई। बड़े-बड़े बच्चे होने के बाद भी आज तलाक की स्थिति बन रही है। लोग दूसरी शादी कर रहे हैं उन्होंने इसे सामाजिक बुराई बताया।

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