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प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ का हड़ताल का ऐलान हजारों की संख्या में एकजुट होकर किया जमकर प्रदर्श

बिलासपुर। प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ एवं प्रशिक्षक कल्याण संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदेश स्तरीय अनिश्चितकालीन काम बंद, कलम बंद कर हड़ताल और धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में मंगलवार को बिलासपुर जिले में भी संघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर महेन्द्र सूर्यवंशी और हीरालाल यादव ने बताया कि चुनावी घोषणा पत्र 2023 में मितानिन कार्यक्रम में कार्यरत मितानिन, प्रशिक्षक, हेल्प डेस्क फैसिलिटेटर और ब्लॉक कोऑर्डिनेटर को एनएचएम अंतर्गत संविलियन करने का वादा किया गया था। लेकिन शासन ने इसके विपरीत कार्यक्रम का संचालन एक एनजीओ को सौंप दिया है।

इस फैसले से कार्यकर्ता निराश हैं और मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपना रहे हैं। संघ का आरोप है कि पिछले 13 महीनों से वेतन और क्षतिपूर्ति का भुगतान तीन से चार माह के अंतराल में किया जा रहा है। पहले भी 13 दिसंबर 2024 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की गई थी, तब शासन ने मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया था। लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर संघ ने 29 जुलाई को राज्य स्तरीय सांकेतिक धरना और 7 अगस्त से नवा रायपुर के तूता में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया है। संघ ने अपनी प्रमुख मांगों में चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा करने की बात दोहराई है। इनमें मितानिन और अन्य पदों को एनएचएम में शामिल करना, वेतन-क्षतिपूर्ति में 50 प्रतिशत की वृद्धि करना और ठेका प्रथा को पूरी तरह समाप्त करना शामिल है।

संघ का कहना है कि इससे न केवल उनकी आर्थिक-सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी बढ़ेगी। संघ ने कहा कि मितानिन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएँ कार्यरत हैं और इसे एनएचएम में संविलियन करना महिला सशक्तिकरण का बड़ा उदाहरण होगा। कार्यकर्ताओं का कहना है कि 23 साल के अनुभव के आधार पर उन्हें शिक्षा, उम्र और रोस्टर में एक बार की छूट दी जानी चाहिए ताकि वे संविलियन प्रक्रिया में शामिल हो सकें। इससे राज्य की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती मिलेगी। अपनी मांगों को लेकर बिलासपुर जिले के हर ब्लॉक से मितानिन पहुंची और हजारों की संख्या में मितानिन इकट्ठा होकर जमकर प्रदर्शन कीया अब देखना होगा कि उनकी मांगों को प्रशासन कितनी गंभीरता से लेती है।

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