
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर जहां एक ओर पूरे प्रदेश में उनकी ‘मन की बात’ से जुड़ी भावनात्मक पहलुओं को लेकर चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी ओर बिलासपुर शहर में युवक कांग्रेस ने इस दिन को राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस के रूप में मनाकर केंद्र सरकार की नीतियों और वादों पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया। युवक कांग्रेस के पदाधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2014 में सत्ता में आने से पहले नरेंद्र मोदी ने हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था,

लेकिन अब भाजपा की सरकार को केंद्र में 11 वर्ष पूरे हो चुके हैं और वादे के मुताबिक 22 करोड़ रोजगार सृजित हो जाने चाहिए थे, जो कि आज तक नहीं हुए। उनका आरोप है कि बेरोजगारी की समस्या दिन-ब-दिन और गंभीर होती जा रही है, लेकिन सरकार इसे लेकर गंभीर नहीं है और केवल प्रचार और जुमलों में उलझी हुई है। कांग्रेस ने इसे युवाओं के साथ विश्वासघात बताते हुए कहा कि सरकार की कथनी और करनी में भारी अंतर है, और आज का युवा बेरोजगारी के बोझ तले दबा हुआ है। इस प्रतीकात्मक विरोध के माध्यम से युवक कांग्रेस ने केंद्र सरकार से सवाल किया है कि आखिर देश का युवा कब तक इंतजार करता रहेगा?




