
छत्तीसगढ़ में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली उपभोक्ताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सोलर रूफटॉप यंत्र स्थापित किए जाएंगे। इस योजना के तहत राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं को वित्तीय सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। योजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के माध्यम से किया जा रहा है।योजना के तहत उपभोक्ताओं के घरों की छत पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जिससे घरेलू बिजली खपत का बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा किया जा सकेगा। इससे बिजली बिल में भारी कमी आएगी और उपभोक्ता बिजली बेचकर आय भी प्राप्त कर सकेंगे। योजना का लाभ उठाने वाले लोगों को केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकार से भी सब्सिडी मिलेगी। राज्य सरकार ने सब्सिडी की विस्तृत रूपरेखा जारी किया है। 1 किलोवाट के प्लांट पर कुल ₹45,000 की सहायता राशि दी जाएगी, जिसमें से ₹30,000 केंद्र सरकार और ₹15,000 राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए जाएंगे। इसी तरह 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता वाले प्लांट पर ₹1,08,000 तक की सहायता राशि दी जाएगी। इससे न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 60,000 सोलर प्लांट और 2026-27 में 70,000 सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना से लाखों घरों में बिजली आत्मनिर्भरता आएगी और राज्य में सौर ऊर्जा का उत्पादन भी तेजी से बढ़ेगा।सरकार का मानना है कि इस योजना से न सिर्फ उपभोक्ताओं का बिजली खर्च घटेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। छत्तीसगढ़ को ग्रीन एनर्जी की दिशा में अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से यह योजना एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।




