
बिलासपुर। जिले के सीपत के ग्राम पंचायत पौंड़ी से फर्जी जाति प्रमाण पत्र का गंभीर मामला सामने आया है इस संबंध में शिकायतकर्ता आयुष ने प्रशासन को शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया है कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग फर्जी तरीके से बैगा जनजाति का जाति प्रमाण पत्र बनवाकर सरकारी योजनाओं और नौकरियों का लाभ उठा रहे हैं आयुष ने बताया कि ग्राम पंचायत पौंड़ी में करीब 55 लोग कथित रूप से फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए लाभ ले रहे हैं इनमें से कुछ लोग पंचायत प्रतिनिधि हैं तो कुछ विभिन्न सरकारी विभागों में पदस्थ बताए जा रहे हैं आरोप है कि इन लोगों ने नियमों को दरकिनार कर जनजाति प्रमाण पत्र बनवाया है शिकायत में यह भी कहा गया है कि जाति प्रमाण पत्र सामान्यत पैतृक निवास के आधार पर बनाया जाता है लेकिन ग्राम पौंड़ी में आज तक बैगा जनजाति का कोई भी वास्तविक जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ है।ऐसे में यहां से बड़ी संख्या में बैगा जनजाति के प्रमाण पत्र बनना अपने आप में संदेह पैदा करता है आयुष का आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे कुछ लोग सरकारी नौकरियों में चयनित हो गए हैं और आरक्षण का अनुचित लाभ उठा रहे हैं इससे वास्तविक पात्र लोगों के अधिकारों का हनन हो रहा है और शासन-प्रशासन की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।मामले को लेकर आयुष कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और फर्जी जाति प्रमाण पत्रों को निरस्त करने की मांग की है। अब प्रशासन की ओर से मामले में जांच और आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।




