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फाटक बना घुरू अमेरी वासियों के लिए मुसीबत, प्रति घंटे 5-6 बार होती है बंद, अंडरब्रिज बनाने की मांग जारी।

कई वर्षों से अंडरब्रिज की व्यवस्था की मांग कर रहे रहवासी

शहर से लगे घुरु अमेरी को करीब तीन साल पहले निगम में इसलिए शामिल किया गया था ताकि निगम में आने के बाद तेजी से इस क्षेत्र का विकास होगा। लेकिन इस विकास की राह पर रेलवे का फाटक बाधा बन रहा है। लोग आज भी इस फाटक की जाम में फंसते हैं और परेशान होते हैं।

24 घंटे के भीतर करीब 50 से अधिक ट्रेनें एवं मालगाड़ी यहां से गुजरतीं हैं। जिसके चलते थोड़ी-थोड़ी देर में फाटक बंद हो जाता है।इससे लोगो को परेशानी होती है। घुरु अमेरी की आबादी लगभग 30 हजार से अधिक है। इससे लगे क्षेत्रों को मिला दें तो अमेरी फाटक से करीब 40 हजार लोगों का रोज आना-जाना होता हैं। इन सभी के लिए अमेरी फाटक परेशानी की वजह बना हुआ है। जबकि यहां अंडरब्रिज बनाने का प्रस्ताव 2009 में ही भेजा गया। लेकिन अब तक अंडरब्रिज नहीं बन सका है। बिलासपुर कटनी मुख्य रेलमार्ग होने के चलते ट्रेन और मालगाड़ी गुजरने के दौरान करीब 15 मिनट तक फाटक बंद रहता है। हर घंटे में फाटक पांच से छह बार बंद होता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है। कि यहां से गुजरने वाले लोगों को कितनी दिक्कतें होती होंगी।

कई बार तो एक ही रेल लाइन में दो से तीन गाड़ियां एक के बाद एक आ जातीं है। जिसके चलते लोगो को काफी दिक्कतो का सामना करना पड़ता है। आसपास के रहवासियों ने बताया कि पिछले 20 साल से हम यहां रह रहे हैं और यही स्थिति बनी हुई है। कितने सालों में भी यहां का सुधार नहीं हो पाया आने-जाने में होने वाली समस्याओं का निवारण नहीं किया गया। दिन भर में बहुत बार फाटक बंद होता है। जिससे जाम की स्थिति निर्मित होती है। जाम में कभी-कभी तो आम जनता के साथ-साथ एंबुलेंस तक घंटो फंसी रहती है। लेकिन अमेरी फाटक की व्यवस्था को सुधार करने वाला निर्णय अभी तक नहीं लिया गया। बहुत वर्षों से यह मांग किया जा रहा है कि यहां पर अंडरब्रिज की व्यवस्था की जाए। ताकि आने-जाने वाली समस्याओं को दूर किया जा सके। लेकिन इस और किसी का ध्यान आकर्षित नहीं हो रहा है। जिसकी वजह से आम जनता को प्रतिदिन यहां पर ट्रैफिक की समस्या का सामना करना पड़ता है। अंडर ब्रिज निर्माण कार्य में एक बाधा फंड की भी बताई जा रही है। कुल मिलाकर केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच आपसी तालमेल नहीं होने के कारण भी यहां की रहवासियों को इस समस्या से जूझना पड़ रहा है।

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