
बिलासपुर में सोशल मीडिया के जरिए शांति व्यवस्था बिगाड़ने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दिए गए लिखित आवेदन में आरोप लगाया गया है कि फेसबुक पोस्ट के माध्यम से भड़काऊ और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया गया और समाज में तनाव फैलाने का प्रयास किया गया।आवेदन के अनुसार, संबंधित फेसबुक पोस्ट में इस्लामिक आतंकवाद जैसे शब्दों का प्रयोग करते हुए सार्वजनिक रूप से पुतला दहन और आओ मिलकर लड़ें जैसे उकसाऊ संदेश दिए गए। बताया गया है कि 30 दिसंबर की शाम करीब 6 बजे पुराने बस स्टैंड चौक, बिलासपुर जैसे संवेदनशील सार्वजनिक स्थान का उल्लेख कर पोस्ट को और भड़काऊ बनाया गया, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका पैदा हुई।शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की पोस्ट विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच घृणा, वैमनस्य और तनाव को बढ़ावा दे सकती है। आवेदन में इसे भारतीय न्याय संहिता 2023 की गंभीर धाराओं के साथ-साथ आईटी एक्ट के तहत दंडनीय अपराध बताया गया है और इसे प्राइमा फेसी संज्ञेय अपराध करार दिया गया है।पुलिस से मांग की गई है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाए और भविष्य में किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक अशांति को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। आवेदनकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर स्थिति बिगड़ सकती है, इसलिए प्रशासन को पूरी सख्ती के साथ हस्तक्षेप करना चाहिए।




