
बिलासपुर में त्योहारों का मौसम आते ही एक बार फिर से बाहरी चोर गिरोह सक्रिय हो गए हैं। शहर की व्यस्त सड़कों और भीड़-भाड़ वाली बसों में लगातार चोरी की वारदातें सामने आ रही हैं। ताज़ा मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र का है, जहां बस में सफर कर रही एक महिला का लाखों के गहनों से भरा बैग अज्ञात चोरों ने पार कर दिया। जानकारी मिली कि ग्राम गनियारी निवासी विरेन्द्र वर्मा की पत्नी दुर्गा वर्मा सोमवार की शाम करीब साढ़े पाँच बजे अपनी बहन और अन्य परिजनों के साथ अल्का बस से जलसो जा रही थीं। भीड़भाड़ के कारण उन्हें सीट नहीं मिली और वे खड़े होकर सफर कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने अपने हैंडबैग में सोने का हार, झुमका और चांदी का करधन रखा था, जिसकी कुल कीमत करीब 2 लाख 30 हजार रुपये बताई गई है।सफर के दौरान अचानक बैग का वजन हल्का महसूस होने पर जब महिला ने चेक किया तो उनके कीमती गहनों से भरा पर्स गायब था। तुरंत ही उन्होंने अपनी बहन और बुआओं को जानकारी दी और बस रुकवाने की कोशिश की, लेकिन कंडक्टर ने भीड़ का हवाला देते हुए खुद जांच करने को कह दिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवारजन तुरंत नेहरू चौक लौटे और खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार पीड़िता थाना सिविल लाइंस पहुंचीं और अज्ञात चोर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच की जिम्मेदारी एएसआई मस्तराम कश्यप को सौंपी गई है। चोरी गए गहनों की कुल कीमत 2 लाख 30 हजार रुपये आंकी गई है।खास बात यह है कि लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद त्योहारों के सीजन में पुलिस ने सुरक्षा और गश्त को लेकर कोई ठोस इंतज़ाम नहीं किए हैं। नतीजा यह है कि शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों खासकर नेहरू चौक, बस स्टैंड और बाजार क्षेत्र में चोर गिरोह सक्रिय होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। फिलहाल पुलिस का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही चोरों को पकड़ लिया जाएगा। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि त्योहारों में जब चोरी की आशंका सबसे अधिक होती है, तब भी पुलिस क्यों अपनी तैयारियों को मजबूत नहीं करती।




