

बिलासपुर –गणेश चतुर्थी पर श्रद्धालुओं के बीच पधारे भगवान गणेश को शनिवार को पूरे विधि-विधान और भक्ति भाव से विदा किया गया। 11 दिनों तक भक्तों के बीच रहकर आशीर्वाद देने वाले गणपति बाप्पा का विसर्जन अनंत चतुर्दशी के दिन किया गया। इस वर्ष भगवान गणेश 27 अगस्त को भक्तों के बीच पधारे थे और शनिवार, 6 सितंबर को पूरे शहर ने उन्हें “अगले बरस तू जल्दी आ” के जयकारों के साथ विदाई दी। बिलासपुर में नगर निगम द्वारा अरपा नदी पर तीन प्रमुख विसर्जन स्थलों — शिव घाट, पचरी घाट और छठ घाट पर विसर्जन की व्यवस्था की गई थी। शिव घाट और पचरी घाट पर छोटी प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ, जबकि बड़ी प्रतिमाओं के लिए छठ घाट को विशेष रूप से तैयार किया गया था।बड़ी मूर्तियों को विसर्जित करने के लिए घाट पर क्रेन की व्यवस्था की गई थी, ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके। इसके साथ ही नगर निगम ने सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए थे गोताखोरों की तैनाती और पुलिस बल की मौजूदगी से सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त रही। सुबह से ही शहर की गलियों और सड़कों पर विसर्जन के लिए निकलती शोभायात्राओं का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर रात तक चलता रहा। घर-घर से, पंडालों से और समितियों की ओर से बप्पा को अंतिम विदाई देने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। भावनाओं से भरे इस माहौल में भक्तों ने गणपति बाप्पा से अगले वर्ष पुनः आने का आग्रह किया।शहर में विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण और उल्लासपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, और हर भक्त की आँखों में विदाई की नमी के साथ अगले वर्ष की प्रतीक्षा दिखी।




