Site icon Grand Gumber News

बस्तर ओलंपिक ने युवाओं को खेलों में करियर बनाने का बड़ा मंच दिया है। लगभग 4 लाख खिलाड़ियों की भागीदारी बस्तर के विकास और बदलती सोच का संकेत है।

बस्तर के युवाओं को खेल के क्षेत्र में मंच देने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शुरू किया गया बस्तर ओलंपिक अब प्रदेश का सबसे बड़ा ग्रामीण खेल आयोजन बन चुका है। पिछले दो वर्षों में इस प्रतियोगिता की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। पहले वर्ष जहां लगभग 1.75 लाख युवाओं ने पंजीकरण कराया था, वहीं 2026 में यह संख्या बढ़कर 3.91 लाख तक पहुंच गई। संभागभर में हुई ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिताओं के बाद चयनित लगभग 3,500 खिलाड़ी इस बार बस्तर ओलंपिक के मुख्य चरण में पहुंचे हैं, जहां वे विभिन्न खेल स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

गुरुवार को बस्तर ओलंपिक का भव्य उद्घाटन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी बस्तर को नक्सलवाद और पिछड़े क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, लेकिन अब विकास की रफ्तार ने इस पहचान को बदलना शुरू कर दिया है। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सरकार बस्तर के समग्र विकास और नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन के लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है।उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि इस वर्ष बस्तर के युवाओं ने इतिहास रचा है। 3,91,297 प्रतिभागियों की भागीदारी बस्तर की बदलती तस्वीर और बस्तर ओलंपिक की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है।

Exit mobile version