
छत्तीसगढ़ में आसमान से आफत बरस रही है… बस्तर संभाग डूब गया है। पिछले 72 घंटे से हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है… कई सड़कें बंद, पुल डूबे और गांवों का संपर्क टूटा। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद लेनी पड़ रही है। लगातार बारिश ने बस्तर संभाग को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जगदलपुर से लेकर सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा तक सड़कें नदी-नालों में तब्दील हो गई हैं। जगदलपुर-सुकमा मार्ग पर जगह-जगह पानी भरने से घंटों तक गाड़ियां जाम में फंसी रहीं।

चेरपाल रपटा डूब जाने से ग्रामीणों को गांव से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बारसूर-गीदम मार्ग पर गणेश बाहर नाले में एक ग्रामीण तेज बहाव में फंस गया, जिसे प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सुरक्षित निकाला।बारिश ने सैकड़ों गांवों का आपसी संपर्क तोड़ दिया है। कई राष्ट्रीय और राज्य मार्ग डूब चुके हैं।जगह-जगह यातायात ठप है और ग्रामीणों को जरूरी सामान तक नहीं मिल पा रहा। हालात का जायजा लेने के लिए प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव भी परियागुड़ा गांव पहुंचे।

उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए।बारिश और बाढ़ के बीच राहत कार्य सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। कई गांवों तक पहुंचना नामुमकिन है, ऐसे में सरकार ने हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री भेजने और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान शुरू कर दिया है। बस्तर संभाग में हालात बेहद गंभीर हैं… प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटा है… लेकिन मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक और भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में हालात और बिगड़ सकते हैं। लोगों से अपील है कि अनावश्यक यात्रा से बचें और सतर्क रहें।




