
श्रावण मास के अवसर पर बाबा बैजनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ तो दिख रही है, लेकिन रेलवे द्वारा चलाई जा रही श्रावणी स्पेशल ट्रेनों में बर्थ खाली हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने कांवर यात्रियों की सुविधा के लिए गोंदिया से मधुपुर के बीच विशेष ट्रेनें चलाई हैं, लेकिन यात्रियों का रुझान अब भी नियमित ट्रेनों की ओर ही बना हुआ है।रविवार को बिलासपुर स्टेशन से बैजनाथ धाम के लिए कई जत्थे रवाना हुए, लेकिन ज़्यादातर श्रद्धालु दक्षिण बिहार एक्सप्रेस, झारसुगुड़ा दरभंगा जैसे पारंपरिक ट्रेनों से यात्रा करते नजर आए। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें स्पेशल ट्रेनों की जानकारी समय पर नहीं मिल पाई या फिर उनका समय और गंतव्य विशेष ट्रेन के शेड्यूल से मेल नहीं खाता था। कुछ श्रद्धालु तो पहले से ही रेगुलर ट्रेनों में आरक्षण कर चुके थे।
रेलवे की ओर से चलाई जा रही स्पेशल ट्रेन गोंदिया से मधुपुर के बीच हर शुक्रवार और सोमवार को चलाई जा रही है, जबकि वापसी में ये ट्रेनें शनिवार और मंगलवार को चलती हैं। बावजूद इसके इन ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बहुत कम है। रेलवे का दावा है कि विशेष ट्रेनों की जानकारी प्रचार माध्यमों से दी गई है, लेकिन उसका असर ज़मीन पर कम दिख रहा है।अब सवाल ये उठ रहा है कि रेलवे द्वारा चलाई जा रही सुविधा और श्रद्धालुओं की श्रद्धा के बीच तालमेल कैसे बने। यात्रियों तक सही समय पर जानकारी पहुंचे, उनके शेड्यूल के अनुसार ट्रेनें चलें और प्रचार तंत्र को और मजबूत किया जाए तभी जाकर इन विशेष ट्रेनों का उद्देश्य सफल हो सकेगा। वरना ये ट्रेनें सिर्फ नाम मात्र की सेवा बनकर रह जाएंगी।




