
भगवान कृष्ण ने अपनी उंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठा लिया था और गोवर्धन पूजा शुरू करवाई थी। साथ ही स्वर्ग के राज इंद्र को उनकी गलती का अहसास भी करवाया था।भगवान श्री कृष्ण की इस लीला की याद में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी शनिवार शाम शनिचरी पड़ाव बाल्मिकी चौक में विशेष आयोजन हुआ। इस दौरान समाज के युवकों ने अपने शौर्य का प्रदर्शन भी किया । ग्वाला,यादव समाज और श्री कृष्ण भक्तों ने एकत्रित होकर अपने ईष्ट देव श्री कृष्ण जी की पूजा अर्चना की, गौ माता की साज सज्जा करके गौ पूजन, पूजन किया। चौक से शोभायात्रा निकाली गई, हर्ष उल्लास तथा धूम धाम से नगर भ्रमण करते हुए श्री खाटू श्याम मंदिर में समाप्त हुईं। गौ माता की साज सज्जा के साथ निकली यात्रा का जगह जगह स्वागत किया गया, समाज के लोगो ने अपनी कला संस्कृति तथा परम्परा का प्रदर्शन करते हुए बैंड बाजा के साथ नगर भ्रमण किया।





