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बिजली कटौती से तंग नागरिकों का फूटा गुस्सा, बिजली ऑफिस में चेंबर घेराव कर दिया धरना सिरगिट्टी के सब स्टेशन अधिकारी को हटाने की मांग, चेतावनी– नहीं मानी मांगें तो होगा तालाबंदी

सिरगिट्टी क्षेत्र में बिजली कटौती से परेशान लोगों का सब्र टूट गया। घंटों की कटौती, बार-बार शिकायतों के बाद भी समाधान नहीं मिलने से नाराज लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जब अधिकारी मौके पर नहीं मिले तो प्रदर्शनकारी सीधे ऑफिस के अंदर घुस गए और चेंबर में धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने जमकर नारेबाजी की और एक अफसर को हटाने की भी मांग रखी।

सिरगिट्टी इलाके में बीते कई दिनों से बिजली की आंखमिचौली ने आम जनता की नाक में दम कर रखा है। रोजाना कई बार बिजली गुल हो जाती है, जिससे घरों, दुकानों और व्यवसायिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है। परेशान नागरिक सोमवार को सिरगिट्टी स्थित सीएसपीडीसीएल ऑफिस पहुंचे और जवाब मांगने लगे।घंटों बैठने के बाद भी जब सब स्टेशन प्रभारी बीवी जायसवाल मौके पर नहीं पहुंचे, तो गुस्साए लोग बिजली ऑफिस के एक अधिकारी कक्ष में ही घुस गए और धरने पर बैठ गए। नारेबाजी करते हुए उन्होंने अफसरों की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाए और कहा कि जनता को अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

प्रदर्शनकारियों ने बिजली कटौती और अव्यवस्था के खिलाफ सहायक यंत्री अश्विनी कुमार टंडन को एक लिखित ज्ञापन सौंपा। इसमें बिजली आपूर्ति नियमित करने, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की गई।धरना दे रहे नागरिकों ने इस दौरान सिरगिट्टी सब स्टेशन प्रभारी बीवी जायसवाल को हटाने की भी मांग जोरदार आवाज़ में रखी।

उनका आरोप था कि क्षेत्र में लगातार समस्या बनी रहने के बावजूद वे मौके पर मौजूद नहीं रहते और शिकायतों को अनदेखा करते हैं।प्रदर्शन कारियों ने साफ कह दिया है कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं चलेगा। अगर बीवी जायसवाल को नहीं हटाया गया और बिजली की स्थिति नहीं सुधरी, तो अगली बार हम लोग चक्का जाम और तालाबंदी करेंगे।

सहायक यंत्री ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों और ज्ञापन को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। फिलहाल क्षेत्रवासियों का कहना है कि अगर अब भी समाधान नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।बिजली विभाग के अफसरों के लिए अब ये एक चेतावनी भी है और मौका भी, क्योंकि जनता अब चुप बैठने को तैयार नहीं है। देखना होगा कि अफसरों की अगली चाल क्या होगी और जनता को राहत कब मिलेगी।

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