
बिलासपुर एयरपोर्ट की लटकती उड़ानें अब कोर्ट की निगरानी में आ गई हैं। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने गुरुवार को बिलासपुर हवाई सेवा को लेकर दाखिल जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकार को दो टूक निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने कहा अब निर्णय टालने का वक्त नहीं, 8 हफ्तों में तय करें कि उड़ान भरनी है या नहीं।कोर्ट ने नागर विमानन मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय से जवाब तलब करते हुए स्पष्ट किया कि बिलासपुर जैसे अहम क्षेत्र में हवाई सेवा को लेकर जारी असमंजस अब स्वीकार्य नहीं। साथ ही राज्य सरकार से रात्रिकालीन लैंडिंग नाइट लैंडिंग को लेकर चल रहे कार्यों की स्थिति पर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई है। कोर्ट का यह भी कहना है कि नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, और इस मामले में अनदेखी नहीं चलेगी।इस जनहित याचिका की अगली सुनवाई अब 6 अक्टूबर को होगी। यदि कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक समयबद्ध कार्रवाई हुई, तो बिलासपुरवासियों को जल्द ही न केवल नियमित हवाई सेवा, बल्कि नाइट लैंडिंग जैसी आधुनिक सुविधा भी मिल सकती है। सालों से उड़ानों की आस लगाए बैठे शहर के लिए यह आदेश उम्मीद की एक नई उड़ान बनकर सामने आया है।




