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बिलासपुर का रेलवे अंडर ब्रिज: निर्माण खामियों और पानी की समस्या से जूझ रहा

बिलासपुर शहर का लगातार विस्तार हो रहा है । चुचुहिया पारा और उसके दूसरे ओर बसे सीलपहरी, धूमा, पोड़ी, कोरमी, रेलवे लोको कॉलोनी, पोर्टर खोली क्षेत्र को शहर से जोड़ने के लिए लंबे समय की मांग को पूरा करते हुए चुचुहिया पारा रेलवे पुराने फाटक के पास अंडर ब्रिज बना तो दिया गया लेकिन निर्माण में ही कई खामियां छोड़ दी गई, जिसके चलते बरसात तो छोड़िए सामान्य दिनों में भी हर वक्त पानी भरा रहता है। पानी निकासी की व्यवस्था न होने से यह अंडर ब्रिज उपयोगी नहीं रहा। यहां अक्सर मवेशियों का जमावड़ा भी रहता है। हर वक्त नामी रहने, गंदगी की सफाई न होने से यहां से गुजरना मुश्किलों भरा साबित हो रहा है। स्थानीय लोग इसे लेकर लगातार आपत्ति जाता रहे हैं, जिनका कहना है कि निर्माण के बाद अधिकारियों ने इसकी सुध नहीं ली, जिस कारण से यह उपयोगी साबित नहीं हो रहा।

पास के तालाब से पानी रिस कर अंडर ब्रिज के अंदर पहुंच रहा है।इधर इन आरोपों को खारिज करते हुए रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुराग सिंह ने कहा कि रेलवे अंडर ब्रिज के भीतर स्वाभाविक रूप से पानी जमा होता है, जिसे नियमित रूप से पंप के सहारे बाहर निकाला जाता है। यह कार्य ऑटोमेटिक होता है लेकिन इसके बाद सतह के गीला रहना सामान्य है, जिसे सुखाना संभव नहीं। उन्होंने इस शिकायत की जांच कर निराकरण की बात कही है। रेलवे के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि स्थिति सामान्य है लेकिन स्थानीय नागरिकों की शिकायत कुछ और ही है।

वैसे तस्वीरें झूठ नहीं कहती। करीब 50 लाख की लागत से तैयार यह अंडर ब्रिज अपनी कमियों की वजह से उपयोगी साबित नहीं हो रहा। आवश्यकता है कि इन मौजूद समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाए ताकि उद्देश्य पूरा हो सके।

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