
बिलासपुर जिले के सरकंडा क्षेत्र अंतर्गत राजकिशोर नगर निवासी रोहिणी क्षेत्री पिछले आठ महीनों से सरकारी योजनाओं और पेंशन से वंचित हैं। इसकी वजह उनके बैंक खाते में किसी अन्य व्यक्ति का आधार नंबर लिंक होना बताया गया है। इससे उनकी सारी योजनाओं की राशि और पेंशन किसी और के खाते में जा रही है। रोहिणी क्षेत्री ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार भारतीय स्टेट बैंक, राजकिशोर नगर शाखा में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उन्हें न सिर्फ अनसुना कर दिया गया, बल्कि शाखा प्रबंधक द्वारा डांट-फटकार कर बैंक से बाहर निकाल दिया गया। महिला ने बताया कि बैंक का गार्ड भी उनसे बदसलूकी करता है और एक बार तो उस पर बंदूक तक तान दी, जैसे वह कोई अपराधी हो। अपनी बात को सही साबित करने के लिए महिला ने सरकंडा थाने में भी लिखित शिकायत की, लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि बैंक की लापरवाही और पुलिस की निष्क्रियता ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर दिया है। थक-हार कर रोहिणी क्षेत्री ने जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल से मुलाकात की और अपनी पीड़ा साझा की। कलेक्टर ने उन्हें आश्वासन दिया कि आगामी 15 दिनों के भीतर उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा और जो राशि गलत खाते में गई है, वह भी उन्हें वापस दिलाई जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर बैंकिंग प्रणाली की गंभीर खामियों और आम नागरिकों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार को उजागर किया है। रोहिणी जैसी कई महिलाएं आज भी सिस्टम की अनदेखी का शिकार हैं, जिन्हें न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।




