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बिलासपुर के तोरवा छठ घाट में अरपा मैय्या की महाआरती और दीपदान का आयोजन

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मंगलवार से छठ महोत्सव का आरंभ हो गया। परंपरा अनुसार प्रथम दिन श्री श्री 1008 प्रेम दास जी महाराज के मुख्य आतिथ्य में अरपा मैया की महा आरती की गई। संध्या होते ही अरपा देवी की आरती से पूरा घाट गूंज उठा। बड़े-बड़े दीपकों के साथ विशिष्ट जनों ने अरपा मैय्या की आरती की, जिसका साक्षी पूरा शहर बना। तोरवा का यह छठ घाट करीब 7 एकड़ क्षेत्रफल में फैला है जहां 1 किलोमीटर लंबा घाट है।

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इसे विश्व का सबसे बड़ा स्थाई छठ घाट भी कहा जाता है। विगत 17 वर्षों की तरह इस वर्ष भी नहाये खाये के दिन बिलासपुर छठ घाट में अरपा मैया की आरती की गई । गंगा आरती की तर्ज पर अरपा नदी की आरती कर उनकी महिमा प्रतिपादित की जाती है। साथ ही इस अवसर पर अरपा नदी को वर्ष भर स्वच्छ रखने का संकल्प भी लिया गया । इस अवसर पर 5100 दीप प्रज्वलित कर नदी में प्रवाहित करते हुए दीपदान किया गया।

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लोगों ने वर्ष भर अरपा नदी को प्रदूषण मुक्त रखने, नदी में प्लास्टिक और अन्य कचरा ना डालने का संकल्प भी लिया।मंगलवार शाम को बिलासपुर छठ घाट में मंचीय कार्यक्रम में अतिथि के रूप में श्री श्री 1008 प्रेम दास जी महाराज, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक अमर अग्रवाल, सुशांत शुक्ला, धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, अटल श्रीवास्तव, दिलीप लहरिया आदि सम्मिलित हुए।

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जिन्होंने मुक्त कंठ से आयोजन की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजनों से बिलासपुर की जीवनदायनी अरपा मैया के प्रति आम लोगों में भी दायित्व बोध उत्पन्न होता है। आयोजन से पहले छठ घाट की सफाई पूरी कर ली गई है। इन दिनों शाम होते ही पूरा घाट दूधिया रोशनी में नहा जाता है, तो वही अरपा पूल में खास बिजली की सजावट की गई है, जिसे देखने बड़ी संख्या में लोग शाम को घाट पहुंच रहे हैं।

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आपको बता दे कि इसी घाट पर 7 नवंबर की शाम सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाएगा तो वहीं अगले दिन 8 नवंबर प्रातः काल उगते सूर्य देव की पूजा अर्चना की जाएगी।

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