एमिगोस सीलविओ आगामी लोक सभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता जारी है। नियमानुसार धारा 144 भी प्रभावी है लेकिन यह तो सिर्फ आम लोगों के लिए। रसूखदार और बाहुबली कब नियमों को मानते हैं ? और विडंबना यह है कि प्रशासन में उनके आगे नतमस्तक दिखता है। बिलासपुर में पिछले कुछ दिनों से एक्शन मोड में दिख रहे सीएसपी उमेश गुप्ता को रविवार देर रात सूचना मिली कि कुछ लोग लिंक रोड स्थित एमिगोस क्लब के सामने जन्मदिन मनाते हुए केक काट रहे हैं। सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची तो यह देखकर हैरान रह गई कि निर्धारित समय के बाद भी एमिगोस क्लब शबाब पर था। आदर्श आचार संहिता को ताक पर रखकर यहां तेज आवाज में डीजे बज रहा था, जिस पर शराब सिगरेट के नशे में युवा डांस फ्लोर पर थिरक रहे थे। बार बंद होने का समय कब का गुजर चुका था। पुलिस को देखते ही यहां हड़कंप मच गया और पार्टी मना रहे लोग इधर-उधर भागने लगे। पुलिस ने पाया कि इनमें से अधिकांश नशे में धुत्त थे, जिसके बाद पुलिस ने एमिगोस बार एवं क्लब के तीन कर्मचारियों और दो कस्टमर पर आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही की तो वहीं पाया कि नशे की हालत में कुछ लोग कार और मोटरसाइकिल से भागने का प्रयास कर रहे थे, इसके बाद तीन कार चालकों और एक मोटर बाइक चालक के खिलाफ 185 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

रविवार को पुलिस अमिगोस क्लब पहुंच गई तो उसे यह सब कुछ दिखा, लेकिन तार बाहर थाने और सिविल लाइन थाने के बीच मौजूद एमिगोस बार की रोज की यही कहानी है। यहां रात करीब डेढ़ से 2:00 बजे तक क्लब इसी तरह से हर रात खुला रहता है, जहां सारे नियम कानून को धता बता कर युवक युवतियां डीजे पर थिरकते हुए जाम छलकाते हैं। विडंबना है कि देर रात तक खुले रहने के इल्जाम में हाल ही में रामा मैग्नेटो मॉल के सामने मौजूद एक पान दुकान को नगर निगम की मदद से हमेशा के लिए सील कर दिया गया, लेकिन ऐसे रसूखदार लोगों के ठिकाने पर कार्यवाही करने से पुलिस भी हिचकती है। हालांकि इस बार बताया जा रहा है कि देर रात पुलिस ने एक्साइज डिपार्टमेंट को भी इसकी सूचना दी थी, जिनके लोगों ने आकर यहां बार को सील कर दिया है। देखना होगा कि बिलासपुर के एक तथा कथित बाहुबली द्वारा संचालित इस बार और क्लब के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के बाद भी कितनी सख्त कार्रवाई होती है।






