
स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 के नतीजों में छत्तीसगढ़ का बिलासपुर शहर पूरे देश में दूसरा सबसे स्वच्छ शहर घोषित हुआ है। यह उपलब्धि बिलासपुर के लिए गर्व की बात है, लेकिन इस घोषणा के बाद शहर में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। कुछ लोग इस रैंकिंग से खुश हैं तो कुछ ने इसे आश्चर्यजनक बताया है। बिलासपुरवासियों की राय बटी हुई नजर आई कई लोगों ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में शहर की सफाई व्यवस्था में काफी सुधार आया है रोजाना सफाई अभियान चलते हैं कॉलोनियों और गलियों में भी नियमित रूप से सफाई होती है वहीं कुछ लोगों ने कहा कि शहर में अब भी कई स्थानों पर गंदगी दिखाई देती है ऐसे में दूसरा स्थान मिलना उन्हें हजम नहीं हो रहा सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है कुछ लोग बिलासपुर को मिले इस रैंक को ट्रोल कर रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं कि क्या वास्तव में शहर इतना स्वच्छ हो गया है वहीं समर्थक इसे प्रशासन और नगर निगम की मेहनत का नतीजा बता रहे हैं। इन आलोचनाओं और चर्चाओं के बीच नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने कहा कि स्वच्छता केवल निगम की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम जनता की भी भागीदारी बेहद जरूरी है।

उन्होंने बताया कि स्वच्छता में मिले इस रैंक को बनाए रखने और सुधारने के लिए निगम की ओर से विशेष टीम बनाई गई है जो पूरे साल सफाई से जुड़े अलग-अलग अभियान चलाएगी। आयुक्त अमित कुमार ने यह भी कहा कि बिलासपुर को स्वच्छ बनाने के लिए निगम द्वारा कई ठोस कदम उठाए गए हैं। इनमें डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, सफाई कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी, और नई कचरा गाड़ियों की व्यवस्था शामिल है। इसके जरिए शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल नगर निगम के प्रयासों से शहर स्वच्छ नहीं बन सकता,जब तक नागरिकों की भागीदारी ना हो। लोगों को जागरूक होना होगा और सफाई को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। गंदगी फैलाने की बजाय उसका निपटान सही तरीके से करना चाहिए बिलासपुर को मिले दूसरे स्थान को लेकर चाहे जैसी भी प्रतिक्रिया हो, यह साफ है कि यह उपलब्धि पूरे शहर के लिए एक चुनौती और अवसर दोनों है। अब यह शहरवासियों पर निर्भर करता है कि वे इस रैंक को बनाए रखने में किस हद तक अपना योगदान देते हैं।




