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बिलासपुर पुलिस और आरटीओ द्वारा रविवार को सैकड़ों स्कूली बसों की जांच कराई गई; वहीं बस ड्राइवरों और कंडक्टरों का स्वास्थ्य परीक्षण कर नशा ना करने की हिदायत दी गई।

स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बिलासपुर पुलिस और आरटीओ ने मिलकर रविवार की सुबह सैकड़ों स्कूली बसों की जांच की। इस दौरान सभी बस ड्राइवरों और कंडक्टरों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ उनका चरित्र वेरिफिकेशन कर उन्हें नशा करके वाहन ना चलाने की हिदायत दी गई।

रविवार को पुलिस मैदान में एसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर स्कूल जाने वाले स्कूली बच्चों के सुरक्षा के मद्देनजर बिलासपुर जिले के स्कूली बसों की जांच की गई। इसके साथ ही यहां पहुंचे बस ड्राइवर और कंडक्टरों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें नशा करके वाहन ना चलाने विशेष हिदायत दिया गया।वहीं ऐसा करने पर कार्यवाही के निर्देश दिए गए। ट्रेफिक एएसपी नीरज चंद्राकर ने जानकारी देते हुए बताया कि दुर्ग में बीते दिन सवारी से भरी बस हादसे का शिकार हो गयी थी। जिसमें कइयों की जानें चली गयी।इसी तरह अन्य दीगर जिलों में स्कूली बच्चों को लाने ले जाने वाले बसों में लगातार हादसे हो रहे थे। इसी 1 अप्रेल से बिलासपुर में भी स्कूलें शुरू हो गयी है। इसके मद्देनजर लोकसभा चुनाव के पूर्व ही जिले में संचालित होने वाले निजी स्कूलों के बसों की फिटनेस जांच कराई जा रही है। साथ ही बस ड्राइवरों और कंडक्टरों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें नशा करके वाहन ना चलाने निर्देशित किया जा रहा है।इसके अलावा बस ड्राइवरों और कंडक्टरों को उनका चरित्र सत्यापन करने के भी आदेश दिए गए है।

जिले में 450 से अधिक बसों का रजिस्ट्रेशन है उसमें से केवल 165 बसों की जांच के सवाल में आरटीओ अधिकारी ने कहा कि पूर्व में ही जांच हुई थी, जिसमें 300 बसों का जांच हुआ था इस बार जांच जल्दी हो रहा है तो हो सकता है अधिकांश बसें इस वजह से भी नही आ सकी है। हालांकि आरटीओ की टीम जल्द ही लोकसभा चुनाव के लिए बसों का अधिग्रहण करने निजी स्कूलों में दस्तक देगी जहां जांच पड़ताल कर कार्यवाही की जाएगी। शहर में क्षमता से अधिक ऑटो दौड़ रहे है जिनका रजिस्ट्रेशन आरटीओ कर रहा है इस सवाल पर आरटीओ अधिकारी ने इस पर गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि मैं इस मामले को दिखवाता हूँ जरूरत पड़ी तो कार्यवाही की जाएगी।

गौरतलब हो कि रविवार को हुए निजी स्कूलों के बसों के जांच में 450 में से केवल 165 के करीब ही बसें पहुंची। उस पर निजी स्कूलों ने अधिकांश फ़ीट बसों को ही जांच के लिए पुलिस मैदान भेजा था। हालांकि सभी बसें और ड्राइवर कंडक्टर जांच के दौरान फ़ीट पाए गए। यहां उपस्थित अधिकारियों ने साफ कहा कि सभी अपने चरित्र का जल्द से जल्द सत्यापन करवाएं, इसके अलावा यदि कोई छोटी वाहन भी चलाता है तो उसका भी फिटनेस समय रहते हुए करवाया जाए। इस दौरान बस ड्राइवरों ने भी अपनी समस्याएं, अधिकारियों के समक्ष रखी। उन्होंने बताया कि चुनाव ड्यूटी के दौरान उन्हें भोजन तक नही मिलता है। जिस पर अधिकारियों ने प्रशासन को पत्राचार कर बस ड्राइवरों की समस्याएं उन तक पहुंचाने आश्वासन दिया।

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