

बिलासपुर :- बिलासपुर में अपराध का ग्राफ थमने का नाम नहीं ले रहा। शुक्रवार रात पुरानी रंजिश में 10वीं के छात्र महेश यादव पर राजीव गांधी चौक में खुलेआम चाकू से वार कर दिया गया। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे शहर को दहला दिया है।हैरानी की बात यह रही कि घायल छात्र के बयान और शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने हमलावर समीर अंसारी और उसके साथियों पर सिर्फ सामान्य मारपीट की धाराएं लगाकर खानापूर्ति कर दी।अब जब महेश की मौत हो चुकी है, पुलिस हत्या की धारा जोड़ने की बात कह रही है। इस रवैये ने परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।लगातार बढ़ रही चाकूबाजी की घटनाओं ने आम नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। महेश की मौत ने पुलिस की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस ने शुरुआत से ही कड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया होता, तो अपराधियों को तुरंत सलाखों के पीछे डाला जा सकता था। अब देखने वाली बात यह है कि पुलिस इस हत्या कांड में कितनी सख्ती दिखाती है।




