
बिलासपुर वनमंडल का उड़नदस्ता रेंज कार्यालय इन दिनों खुद मदद का मोहताज है। बारिश में जहां लोग सुकून पाते हैं, वहीं इस सरकारी दफ्तर की हालत ऐसी है कि दीवारें गिरने को तैयार हैं और कर्मचारी जान बचाकर काम कर रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि यहां बैठना नहीं, खड़ा रहना मजबूरी है। तस्वीरें हैं बिलासपुर डीएफओ ऑफिस परिसर के उड़नदस्ता रेंज कार्यालय की, जो बारिश में किसी जर्जर खंडहर में तब्दील हो चुका है।

छत टपक रही है, दीवारों में मोटी दरारें हैं, और सरिए बाहर निकल चुके हैं। दस्तावेज़ पानी में भीग रहे हैं, और स्टाफ फाइलों को बचाने की जद्दोजहद में है।ऑफिस में न बिजली की सुविधा है, न फर्नीचर की व्यवस्था। छत से पानी टपकने के कारण कर्मचारी फर्श पर जमा पानी के बीच खड़े होकर काम कर रहे हैं।

पंखे तक काम नहीं कर रहे, और बिजली जाने पर अंधेरे में बैठना आम बात हो गई है।अधिकारियों ने कहा बरसात में ऑफिस का हाल बद से बदतर हो जाता है। टेबल, कुर्सी सब पानी में डूब जाते हैं। कई बार अफसरों को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिस दफ्तर की जिम्मेदारी जंगल बचाने की है, उसका अपना अस्तित्व खतरे में है।

कर्मचारियों ने कई बार मरम्मत की मांग की, लेकिन फाइलें सिर्फ चक्कर लगाती रहीं। अब सवाल ये है – क्या सिस्टम किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है, या फिर इस उड़नदस्ता को उड़ान भरने के लिए कोई सहारा मिलेगा।




