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बिलासपुर में ट्रैफिक सिस्टम पूरी तरह हाईटेक आईटीएमएस से अब चालान, कोर्ट सुनवाई और लाइसेंस निरस्तीकरण तक सब कुछ ऑनलाइन

बिलासपुर की सड़कों पर अब वाहन चालकों की हर हरकत पर डिजिटल नजर है। यातायात नियमों के उल्लंघन पर अब सिर्फ जुर्माना ही नहीं, बल्कि कोर्ट और आरटीओ की कार्यवाही तक सीधे ऑनलाइन शुरू हो रही है। यातायात पुलिस ने शहरवासियों को समय पर समन शुल्क जमा करने और नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी है। शहर में 550 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों से लैस इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम यानी आईटीएमएस अब पूरी तरह ऑटोमैटिक हो चुका है। नियम उल्लंघन पर चालान की जानकारी वाहन मालिक को SMS और पोस्ट दोनों माध्यमों से भेजी जा रही है। नई तकनीक के चलते चालान की कॉपी सीधे पोस्ट ऑफिस से संबंधित पते पर पहुंचाई जाती है।उल्लंघन के बाद अगर 7 दिनों के भीतर समन शुल्क जमा नहीं किया गया तो चालान की जानकारी सीधे कोर्ट को भेज दी जाती है। कोर्ट से समन जारी होता है और सुनवाई शुरू होती है। यदि आरोपी पेश नहीं होता, तो मामला सीधे आरटीओ को ट्रांसफर किया जाता है, जहां से लाइसेंस निरस्तीकरण और वाहन जब्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल के निर्देशन में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को स्मार्ट और अनुशासित बनाने की दिशा में लगातार कार्रवाई हो रही है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि बार-बार उल्लंघन करने पर चालान की रकम दोगुनी से भी ज्यादा हो सकती है।

यातायात पुलिस ने बताया कि कुछ वाहन चालक नंबर प्लेट से छेड़छाड़ कर कैमरों को धोखा देने की कोशिश करते हैं। लेकिन ऐसे मामलों में न सिर्फ चालान बल्कि गंभीर मामलों में आपराधिक प्रकरण भी दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा गया है। ऐसे लोगों को अब अपराधियों की तरह ही ट्रीट किया जाएगा।शहर की सड़कों पर ट्रैफिक को कंट्रोल में रखने के लिए 24×7 पांच पेट्रोलिंग टीमें तैनात की गई हैं। क्रेन पेट्रोलिंग से यातायात में बाधा देने वाले वाहनों को हटाया जा रहा है। वहीं नेशनल हाईवे पर ओवरस्पीडिंग रोकने के लिए इंटरसेप्टर वाहन और राडार गन लगातार निगरानी कर रहे हैं। आईटीएमएस के नवीन वर्जन के लागू होने से अब चालानी प्रक्रिया पूरी तरह ऑटोमैटिक हो गई है। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे अपने मोबाइल से ही समय पर चालान राशि जमा करें और यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें ताकि किसी भी कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।

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