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बिलासपुर में दो अलग-अलग मामलों में धर्म परिवर्तन का गंभीर आरोप एक घर में चल रहा था कथित धर्मांतरण प्रिंसिपल पर नौकरी और पैसों का लालच देकर धर्म बदलवाने का आरोप

शहर में धर्मांतरण से जुड़े दो गंभीर और संवेदनशील मामले सामने आए हैं। पहला मामला थाना तोरवा क्षेत्र के शिव नगर से जुड़ा है, जहां स्थानीय निवासी पी. सुर्या राव पर आरोप है कि वे अपने निवास पर एक कथित धर्मांतरण केंद्र चला रहे थे। आरोपियों द्वारा हिंदू देवी-देवताओं का अपमान कर हिंदू धर्म छोड़ने के लिए लोगों को बरगलाने की बात सामने आई है। रविवार को कुछ स्थानीय लोग पुलिस के साथ मिलकर जब मौके पर पहुंचे, तो वहां दर्जनों महिलाएं मौजूद थीं, जो कथित रूप से हिंदू विरोधी बातें कर रही थीं।स्थानीयों का आरोप है कि पी. सुर्या राव अपने घर में गुपचुप तरीके से धार्मिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे और भोले-भाले लोगों को भ्रमित कर धर्म परिवर्तन की ओर उकसा रहे थे। मौके पर पहुंचे लोगों ने इन गतिविधियों की जानकारी पुलिस को दी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।वहीं दूसरा मामला चकरभाठा थाना क्षेत्र का है, जहां इंजीनियरिंग पास युवक मंयक पाण्डेय ने अपनी पत्नी रंजना पाण्डेय और डीएवी स्कूल की प्रिंसिपल केरोलाईन मैरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 299 और 3 के तहत एफआईआर दर्ज कराई है। मंयक का आरोप है कि उसे ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव डाला गया और धर्म परिवर्तन के बदले 50,000 रुपये नकद और नौकरी का लालच दिया गया।मंयक ने बताया कि उसकी पत्नी पहले ही धर्म बदल चुकी है और अब नौकरी बचाने के लिए उस पर भी दबाव बना रही है। उसने इस मानसिक दबाव को धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह राज्य में धर्मांतरण को लेकर बड़ी कार्यवाही की मिसाल बन सकता है।

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