
शहर में 17 और 18 सितम्बर को नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी, भाई मति दास जी, भाई सती दास जी और भाई दयाला जी की शहादत की 350वीं वर्षगांठ पर भव्य धार्मिक आयोजन किया गया। इस मौके पर निकाले गए शहीदी नगर कीर्तन ने पूरे शहर में श्रद्धा और भाईचारे का वातावरण बना दिया।नगर कीर्तन की शुरुआत गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, दयालबंद से हुई, जो शहर के प्रमुख चौक-चौराहों से होते हुए विभिन्न मार्गों पर निकला।

शोभायात्रा में झांकियां, पंज प्यारे, धार्मिक जत्थे और कीर्तन दल शामिल हुए। नगरवासियों ने जगह-जगह पर श्रद्धालुओं का स्वागत किया और सेवा केंद्रों के माध्यम से लंगर, शरबत और फल वितरण किया गया।18 सितम्बर को गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा दयालबंद में गुरमत समागम का आयोजन किया गया। इसमें भाई बलवंत सिंह दमदमी टकसाल, भाई गुरप्रीत सिंह जी और ज्ञानी राजदीप सिंह जी ने संगत को गुरबाणी के माध्यम से निहाल किया।

हज़ारों की संख्या में संगत ने भाग लेकर आध्यात्मिक रस का अनुभव किया।गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने कहा कि यह आयोजन गुरु साहिब की शिक्षाओं, त्याग और शहादत को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम बना। उन्होंने संगत और नगरवासियों का आभार जताते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में एकता, भाईचारे और मानवीय मूल्यों को और मजबूत करते हैं।




