
बिलासपुर में सुरक्षा और व्यवस्था को तकनीकी रूप से और मजबूत करने के लिए प्रशासन ने अभिनव पहल की तैयारी शुरू कर दी है। स्मार्ट सिटी परियोजना के आईटीएमएस मॉडल पर पूरे नगर निगम क्षेत्र में विशेष सीसीटीवी कैमरे लगाने और एक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाने की योजना बनाई जा रही है।

खास बात यह होगी कि इस व्यवस्था का संचालन प्रशासन नहीं, बल्कि नागरिकों की कमेटी करेगी, जिसमें व्यापारी, सामाजिक संगठनों, चिकित्सकों और सभी वर्ग के लोग शामिल होंगे।कलेक्टर संजय अग्रवाल और निगम कमिश्नर अमित कुमार ने मंगलवार को मंथन कक्ष में शहर के विभिन्न संगठनों के साथ बैठक कर योजना का खाका साझा किया और सुझाव मांगे।

कलेक्टर ने कहा कि जैसे स्वच्छता में शहर ने नागरिकों की भागीदारी से नाम कमाया है, वैसे ही अब सुरक्षा के लिए भी जन सहभागिता जरूरी है। विशेष कैमरों के जरिए अपराधियों की पहचान, गिरफ्तारी और न्यायालयीन कार्रवाई में पुख्ता सबूत उपलब्ध होंगे।बैठक में विभिन्न व्यापारिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सुझाव देते हुए योजना को सराहा और सहमति दी। प्रस्तावित योजना के तहत पूरे शहर को कैमरों की निगरानी में लाया जाएगा, खासकर बाहरी इलाकों को भी कवर किया जाएगा।

कमेटी कैमरा नेटवर्क का संचालन, तकनीकी प्रबंधन और बजट से जुड़े निर्णय लेगी।निगम कमिश्नर अमित कुमार ने बताया कि वर्तमान में स्मार्ट सिटी के तहत 23 जंक्शनों पर 523 कैमरे लगे हैं। अब इसी तर्ज पर पूरे शहर में कैमरे लगाकर एक ग्रिड से जोड़ा जाएगा। योजना को मूर्त रूप देने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी, ताकि यह मॉडल सुरक्षा और जनभागीदारी का आदर्श बन सके।




