
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जमीनों की कीमतों के नए निर्धारण को लेकर प्रदेशभर में मचे हंगामे के बाद सरकार ने फिलहाल इस गाइडलाइन को जारी करने से रोक दिया है। सरकार ने जनता से सुझाव लेने और संशोधन के बाद आगे निर्णय लेने की बात कही है। इसी क्रम में भाजपा के पूर्व विधायक और नेता प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पहुंचकर नई जमीन गाइडलाइन को लेकर लोगों को जानकारी दे रहे हैं।रविवार को बिलासपुर पहुंचे पूर्व विधायक शिव रतन शर्मा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार मध्यम वर्ग को जमीन का वाजिब हक दिलाना चाहती है। इसी उद्देश्य से जमीनों के सरकारी शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि आज जमीनों की खरीदी-बिक्री वास्तविक सरकारी दर पर नहीं होती, बल्कि इसका सीधा फायदा जमीन के बिचौलिए उठाते हैं। नई गाइडलाइन के जरिए बिचौलियों पर लगाम लगाने की कोशिश की जा रही है।शिव रतन शर्मा ने कहा कि इस व्यवस्था से भ्रष्टाचार पर भी नियंत्रण लगेगा, क्योंकि अब रजिस्ट्री के साथ-साथ नामांतरण की तत्काल सुविधा लागू कर दी गई है। उन्होंने कांग्रेस शासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में जमीनों की कीमतें जानबूझकर कम रखी गईं, जिससे बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला।5 डिसमिल से कम जमीन की रजिस्ट्री को लेकर उठ रहे सवालों पर पूर्व विधायक ने स्पष्ट किया कि यह नियम केवल लगानी जमीन पर लागू है। डायवर्सन जमीन पर 5 डिसमिल से कम भूमि की रजिस्ट्री पर कोई रोक नहीं है। उन्होंने जनता से अपील की कि भ्रम में न आएं और तथ्यों को समझें।




